कानपुर। देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2026 (सेशन-1) में कानपुर के मेधावी छात्र श्रेयस मिश्रा ने 100 परसेंटाइल प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे शहर और संस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि जेईई मेन जैसी कठिन परीक्षा में 100 परसेंटाइल हासिल करना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।श्रेयस मिश्रा विद्या मंदिर क्लासेस के दो वर्षीय क्लासरूम कोर्स के छात्र रहे हैं। उन्होंने निरंतर परिश्रम, अनुशासित दिनचर्या और विषयों की गहरी वैचारिक समझ के बल पर यह मुकाम हासिल किया। श्रेयस ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित मॉक टेस्ट, टेस्ट के बाद गलतियों के विश्लेषण, मजबूत कॉन्सेप्ट बिल्डिंग और शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन को दिया।
अपनी सफलता पर श्रेयस मिश्रा ने कहा कि जेईई जैसी परीक्षा केवल पढ़ाई से नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास से भी जीती जाती है। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान शांत रहकर प्रश्नों को सही रणनीति के साथ हल करना बेहद जरूरी होता है। “नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन और खुद पर भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही,” ऐसा कहना है श्रेयस का।
विद्या मंदिर क्लासेस के को-फाउंडर एवं आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र श्याम मोहन गुप्ता ने श्रेयस की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह परिणाम यह सिद्ध करता है कि यदि छात्र को सही दिशा, मजबूत शैक्षणिक आधार और अनुभवी मेंटरिंग मिले, तो वह किसी भी ऊंचे लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि श्रेयस मिश्रा की यह उपलब्धि देशभर के लाखों जेईई अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है।संस्थान के शिक्षकों के अनुसार श्रेयस की तैयारी की सबसे बड़ी विशेषता फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स में गहरी वैचारिक स्पष्टता रही। नियमित टेस्ट सीरीज़, डाउट क्लियरिंग सेशन और निरंतर मूल्यांकन ने उनकी तैयारी को धार दी। इसके साथ ही परीक्षा के दबाव में भी संतुलित सोच बनाए रखना उनकी सफलता का अहम कारण रहा। श्रेयस मिश्रा की इस उपलब्धि से न केवल कानपुर के शैक्षणिक जगत में उत्साह का माहौल है, बल्कि यह आने वाले छात्रों के लिए एक नया मानदंड भी स्थापित करती है। परिवारजनों ने इसे वर्षों की मेहनत और संस्कारों का परिणाम बताया, वहीं शिक्षकों और सहपाठियों ने इसे संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण कहा है। जेईई मेन 2026 में 100 परसेंटाइल हासिल कर श्रेयस मिश्रा ने यह साबित कर दिया है कि समर्पण, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के साथ किसी भी सपने को साकार किया जा सकता है। अब सभी की निगाहें उनकी आगामी जेईई एडवांस्ड सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर टिकी हैं, जहां उनसे एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
जेईई मेन 2026 में कानपुर के श्रेयस मिश्रा की ऐतिहासिक सफलता, 100 परसेंटाइल हासिल कर बने प्रेरणा