मनीष गुप्ता
कानपुर। खोया या चोरी हुआ मोबाइल वापस मिलना आज के समय में किसी चमत्कार से कम नहीं माना जाता, लेकिन कानपुर पुलिस ने अपनी मुस्तैदी और तकनीकी दक्षता से इस चमत्कार को हकीकत में बदल दिया। सोमवार को पूर्वी जोन की साइबर व सर्विलांस टीम की प्रभावी कार्रवाई के चलते 101 गुमशुदा व चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस लौटाए गए। इन मोबाइलों की कुल बाजार कीमत लगभग ₹25 लाख आंकी गई है।पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने सभी मोबाइल उनके मालिकों को विधिवत सौंपे। मोबाइल वापस पाकर नागरिकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई लोगों ने इसे पुलिस की सराहनीय और जनहितकारी पहल बताया।
डीसीपी पूर्वी ने बताया कि ये सभी मोबाइल नागरिकों द्वारा CEIR पोर्टल और यूपी कॉप ऐप के माध्यम से दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर ट्रैक किए गए। सर्विलांस तकनीक की मदद से मोबाइल की लोकेशन चिन्हित कर उन्हें बरामद किया गया।
मोबाइल प्राप्त करने के दौरान भावुक क्षण भी देखने को मिले। एक महिला अपना मोबाइल और उसमें मौजूद महत्वपूर्ण डेटा वापस पाकर इतनी खुश हुईं कि मिठाई का डिब्बा लेकर पहुंचीं और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों का मुंह मीठा कराकर आभार जताया।
प्रेसवार्ता में डीसीपी सत्यजीत गुप्ता ने कहा कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कई चोरी के मोबाइल एक हाथ से दूसरे हाथ बिकते रहते हैं। कई लोग जानकारी के अभाव में सस्ते दाम के लालच में ऐसे मोबाइल खरीद लेते हैं, जो कानूनी रूप से अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति जानबूझकर चोरी के मोबाइल की खरीद-फरोख्त में संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि बिना पक्का बिल और वैध दस्तावेज के कोई भी पुराना मोबाइल न खरीदें। डीसीपी ने कहा कि मोबाइल आज के जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है और नागरिकों की गुमशुदगी व चोरी की शिकायतों पर पुलिस प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कर रही है। 101 मोबाइल बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाना कानपुर पुलिस की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।