कानपुर। पेंशनर फ़ोरम की कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक चित्रगुप्त धर्मशाला, सी-ब्लॉक गोविंद नगर में कार्यवाहक अध्यक्ष पी.एस. बाजपेई एवं राजेश शुक्ला की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान शिवरात्रि मिलन समारोह भी सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। बैठक में सरकार के पास लंबे समय से लंबित पेंशनरों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सदस्यों ने आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों को शामिल न किए जाने और लगातार मांगों की अनदेखी किए जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। महामंत्री आनंद अवस्थी ने कहा कि पेंशनर फ़ोरम की कई मांगें वर्षों से लंबित हैं, जिन्हें अब और टालना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सरकार के लिए अंतिम चेतावनी है, यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पेंशनर फ़ोरम लंबा और निर्णायक संघर्ष करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने बताया कि इन मांगों से देशभर के लगभग दो करोड़ पेंशनर एवं उनके परिवार प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पेंशनरों की मांगों को लेकर माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन कमिश्नर कानपुर एवं सांसद के माध्यम से दिनांक 07 मार्च 2026 को सौंपा जाएगा। इसके साथ ही सरकार की सद्बुद्धि के लिए 27 फरवरी 2026 को सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित करने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।कार्यकारिणी ने मांग की कि आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बीच व्याप्त आशंका और असंतोष दूर हो सके। इसके अलावा 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को वेतन एवं पेंशन में जोड़ने, सभी पेंशनरों को आयकर से पूर्णतः मुक्त करने, कोशियारी समिति की अनुशंसा के आधार पर EPS-95 के सेवानिवृत्त कर्मियों को न्यूनतम ₹7500 पेंशन एवं उस पर महंगाई भत्ता दिए जाने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।
बैठक में यह भी कहा गया कि वरिष्ठ नागरिकों को कोरोना काल से पूर्व रेलवे सहित सभी प्रकार की छूट पुनः बहाल की जाए। साथ ही सभी पेंशनरों को 65 वर्ष की आयु पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत, 75 वर्ष पर 15 प्रतिशत तथा 80 वर्ष पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन दिए जाने संबंधी आदेशों पर पुनर्विचार कर उन्हें स्वीकृत किया जाए।
अन्य मांगों में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, आईआईटी से सेवानिवृत्त कर्मियों को भी सीजीएचएस की सुविधा, सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को दो वर्ष में एक बार एक सहायक के साथ भारत भ्रमण की सुविधा, कोरोना काल में रोके गए 18 माह के महंगाई राहत भत्ते का भुगतान (आवश्यकता होने पर किश्तों में), तथा पेंशन राशिकरण की कटौती अवधि को 15 वर्ष के स्थान पर 12 वर्ष करने की मांग शामिल रही।
बैठक में बी.एल. गुलबिया, सत्य नारायण, आर.पी. शुक्ल, पी. श्रीवास्तव, अरुणेश तिवारी, डी.पी. तिवारी, सुभाष चंद्र भाटिया, विनय प्रकाश उपाध्याय, चंद्रशेखर, पी.के. त्रिवेदी, रमेश चंद्र साहू, शिव शंकर, अशेक मिश्रा, आर.पी. श्रीवास्तव, उमेश शुक्ल, अशोक कुमार, रविन्द्र मधुर, आर.पी. वर्मा, एस.आर. वर्मा, के.के. श्रीवास्तव, आर.के. कटियार, तारा चंद्र, आर.बी. निनोरिया, बजरंगी, नंदेश्वर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का समापन पेंशनरों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष के संकल्प के साथ किया गया।