कानपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2026 को सकुशल, नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक चलेंगी, जिनमें जनपद कानपुर नगर से कुल 92,444 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
परीक्षा की तैयारियों को लेकर बुधवार को एचबीटीयू विश्वविद्यालय स्थित शताब्दी भवन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने की। बैठक में शासन स्तर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में परीक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित तिथि से पूर्व आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि प्रश्न-पत्रों के सुरक्षित भंडारण की मजबूत व्यवस्था, सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरों की सतत निगरानी, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, बैठने की उचित व्यवस्था तथा सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि 92 हजार से अधिक परीक्षार्थियों के भविष्य को देखते हुए परीक्षा पूरी तरह शुचिता पूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन तरीके से कराई जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि जनपद कानपुर नगर में हाईस्कूल के कुल 46,430 और इंटरमीडिएट के 46,014 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। इसके लिए जनपद में कुल 124 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 7 राजकीय माध्यमिक विद्यालय, 73 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय और 44 वित्तविहीन मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं।
परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक ढांचा भी तैयार कर लिया गया है। जनपद में 9 जोनल मजिस्ट्रेट, 16 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 124 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 124 केंद्र व्यवस्थापक और 124 बाह्य केंद्र व्यवस्थापकों की नियुक्ति की गई है। सभी अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में सहायक पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), कमिश्नरेट कानपुर नगर रंजीत कुमार ने जानकारी दी कि सभी परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्न-पत्रों की सुरक्षित ढुलाई एवं संरक्षण तथा सचल दल की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सशस्त्र पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि या गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. विवेक चतुर्वेदी ने केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट को आपसी समन्वय के साथ एक टीम के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने विगत वर्षों में सामने आई समस्याओं की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी समाधान पर विशेष जोर दिया। साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय रखते हुए परीक्षा की निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए गए।
18 फरवरी से यूपी बोर्ड परीक्षाएं, 92,444 परीक्षार्थी शामिल