कानपुर। चौबेपुर थाना क्षेत्र के भिण्डुरी (नया पुरवा) गांव में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। गैस सिलेंडर से हुए रिसाव के कारण एक मकान में भीषण विस्फोट हो गया, जिससे कमरे की दो दीवारें पूरी तरह ढह गईं। हादसे में मकान में रह रहे एक बुजुर्ग मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि मलबे की चपेट में आने से एक बकरी की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य बकरियां बुरी तरह जख्मी हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम भिण्डुरी स्थित साईं मेडिकल कॉलेज के पास नरेश शुक्ला उर्फ रमा शुक्ला का मकान है, जिसमें शिवराजपुर थाना क्षेत्र के दुबियाना गांव निवासी रमेश चंद्र दुबे (65 वर्ष) किराए पर एक कमरा लेकर रहते थे। रमेश चंद्र दुबे मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात उन्होंने खाना बनाया था, लेकिन गैस सिलेंडर का नॉब बंद करना भूल गए। कमरा चारों ओर से बंद था, जिससे पूरी रात गैस का रिसाव होता रहा और कमरे में गैस भरती चली गई।
रात करीब 12:40 बजे अचानक गैस ने आग पकड़ ली, जिससे जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि कमरे की दो दीवारें भरभराकर गिर गईं और आसपास के लोग नींद से जागकर घबराकर बाहर निकल आए। धमाके की आवाज से पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे दबने से रमेश चंद्र दुबे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पीआरबी और चौबेपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल घायल बुजुर्ग को मलबे से बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौबेपुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच सकी।
इस हादसे की चपेट में पड़ोस में रहने वाले राजेश कुमार शुक्ला की तीन बकरियां भी आ गईं। दीवार गिरने से एक बकरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना पर पशु चिकित्सालय चौबेपुर की टीम मौके पर पहुंची और घायल बकरियों का इलाज शुरू कराया। मृत बकरी का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था सामान्य बनी हुई है। यह हादसा एक बार फिर गैस सिलेंडर के उपयोग में सतर्कता बरतने की जरूरत को उजागर करता है, क्योंकि जरा सी लापरवाही भी जान-माल के बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।