कानपुर। गाजियाबाद में मोबाइल गेम की लत के चलते तीन सगी बहनों द्वारा की गई सामूहिक आत्महत्या की हृदयविदारक घटना ने पूरे प्रदेश को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दर्दनाक घटना के विरोध में तथा बच्चों और युवाओं को डिजिटल खतरों से बचाने के उद्देश्य से सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) विधि प्रकोष्ठ, कानपुर नगर के तत्वावधान में एक श्रद्धांजलि सभा एवं जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम स्वरूप नगर स्थित ‘बेटी पढ़ाओ–बेटी बचाओ–बेटी कमाओ’ स्थल (मोतीझील चौराहा) पर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भाग लिया। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस आयोजन में उपस्थित लोगों ने दिवंगत बालिकाओं के चित्र पर पुष्प अर्पित किए, मोमबत्तियां जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए मौन रखकर प्रार्थना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान माहौल बेहद भावुक और संवेदनशील बना रहा।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने मोबाइल गेमिंग के बढ़ते दुष्प्रभावों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज मोबाइल गेम्स बच्चों और किशोरों के लिए धीमा ज़हर बनते जा रहे हैं, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंधों और भविष्य को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। गाजियाबाद की घटना को एक चेतावनी बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।
कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखीं—
बच्चों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले खतरनाक मोबाइल गेम्स पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
साइबर सुरक्षा को लेकर सख्त और प्रभावी कानून बनाए जाएं, ताकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी सुनिश्चित हो सके।
अभिभावकों के बीच डिजिटल पैरेंटिंग को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख सकें।
वक्ताओं ने कहा कि केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज और परिवार की भी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सही दिशा दें और उन्हें डिजिटल लत से बचाने के लिए समय दें। “गाजियाबाद जैसी दर्दनाक घटना दोबारा न हो, इसके लिए समाज और सरकार दोनों को मिलकर सख्त कदम उठाने होंगे,” यह बात सभा में बार-बार दोहराई गई।
यह आयोजन नगर पूर्व प्रभारी आशुतोष सेंगर, नगर पूर्व अध्यक्ष अनुज शुक्ला एवं प्रदेश विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष प्रखर श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व विधि प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट सुधीर कुमार शर्मा ने किया।
इस अवसर पर एडवोकेट देवेश शुक्ला, एडवोकेट अश्वनी कुमार, आशीष कुमार जैन, एडवोकेट अभिषेक शर्मा, एडवोकेट अजीत सोनकर, सरिता द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और जागरूक नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में बच्चों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए ऐसे सामाजिक अभियानों को आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया।
मोबाइल गेम्स पर रोक की मांग