कानपुर।
उत्तर प्रदेश क्रिकेट जगत के लिए मंगलवार का दिन बेहद दुखद और पीड़ादायक रहा। उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के वरिष्ठ एवं मुख्य पिच क्यूरेटर शिव कुमार (57 वर्ष) का मंगलवार शाम हृदयगति रुक जाने (हार्ट अटैक) से निधन हो गया। सबसे भावुक और मार्मिक पहलू यह रहा कि उन्होंने अपनी अंतिम सांस उसी मैदान पर काम करते हुए ली, जिसे उन्होंने अपने जीवन के कई दशक समर्पित कर दिए थे।
यूपीसीए के पदाधिकारी अहमद अली तालिब ने जानकारी देते हुए बताया कि शिव कुमार मंगलवार शाम लगभग चार बजे ऐतिहासिक ग्रीनपार्क स्टेडियम में आगामी क्रिकेट आयोजनों को लेकर पिच निर्माण के कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वह वहीं गिर पड़े। मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) रेफर कर दिया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था और कार्डियोलॉजी के गेट पर पहुंचते ही उनकी सांसें थम गईं।
शिव कुमार न केवल यूपीसीए के मुख्य क्यूरेटर थे, बल्कि वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में भी मध्य क्षेत्र (सेंट्रल जोन) के लिए परामर्श क्यूरेटर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे थे। पिच निर्माण की उनकी तकनीकी समझ और अनुभव का लोहा पूरे देश में माना जाता था। उत्तर प्रदेश के अलावा उन्होंने देश के कई प्रमुख स्टेडियमों में अपनी देखरेख में उच्चस्तरीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों की पिचें तैयार करवाई थीं।
क्रिकेट से जुड़े लोग बताते हैं कि शिव कुमार अपने काम को लेकर बेहद कर्मठ, अनुशासित और समर्पित थे। ग्रीनपार्क स्टेडियम की पिचों को नई पहचान दिलाने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही है। उनके निधन से यूपीसीए ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय क्रिकेट ढांचे को एक अपूरणीय क्षति पहुंची है।
शिव कुमार अपने पीछे पत्नी और बच्चों को छोड़ गए हैं, जो वर्तमान में पुणे में रहते हैं। परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए ग्रीनपार्क स्टेडियम में रखा गया है, जहां खेल जगत से जुड़ी कई हस्तियां, खिलाड़ी, अधिकारी और कर्मचारी उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
उनका अंतिम संस्कार बुधवार को उनके पैतृक निवास बरेली में किया जाएगा। जैसे ही उनके निधन की खबर फैली, क्रिकेट गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। कई वरिष्ठ खिलाड़ियों, क्रिकेट अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संदेशों के माध्यम से गहरा शोक व्यक्त किया है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि पिच निर्माण की कला में शिव कुमार को जो महारत हासिल थी, उसकी भरपाई करना यूपीसीए के लिए आसान नहीं होगा। उनका जाना न केवल एक अनुभवी तकनीकी विशेषज्ञ की कमी है, बल्कि क्रिकेट के प्रति समर्पित एक सच्चे कर्मयोगी का असमय चले जाना भी है।
ग्रीनपार्क में काम करते हुए पिच क्यूरेटर शिव कुमार का निधन