कानपुर।
उत्तर प्रदेश में संचालित संभव अभियान के अंतर्गत कानपुर नगर ने 31 जनवरी को जारी प्रदेशीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। जनपद को कुल 75.5 अंक मिले, जो प्रदेश में सर्वाधिक हैं। रैंकिंग में फर्रुखाबाद 74.8 अंक के साथ दूसरे, श्रावस्ती 71.01 अंक के साथ तीसरे और वाराणसी 70.3 अंक के साथ शीर्ष जिलों में शामिल रहे। वहीं फिरोजाबाद 45.5 अंक लेकर अंतिम स्थान पर रहा।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस उपलब्धि पर मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन और जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति सिन्हा को बधाई दी। संभव अभियान के तहत जनपद में 1,850 सैम श्रेणी के बच्चों को चिन्हित किया गया था। नियमित स्वास्थ्य जांच, चिकित्सीय प्रबंधन और सतत फॉलो-अप के बाद 1,837 बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार दर्ज किया गया। इनमें से 834 बच्चे सैम श्रेणी से बाहर होकर सामान्य श्रेणी में आ गए, जबकि शेष बच्चों में भी लगातार प्रगति हुई। बच्चों के स्वास्थ्य सुधार का कुल प्रतिशत 99.30 रहा, जिसे रैंकिंग का प्रमुख आधार माना गया।
अभियान के तहत केवल सैम ही नहीं, बल्कि 0–6 माह आयु वर्ग के सीवियर अंडरवेट बच्चों पर भी विशेष फोकस किया गया। सभी चिन्हित बच्चों का ई-कवच पोर्टल पर पंजीकरण कराया गया। कम वजन के जन्मे शिशुओं का आशा कार्यकर्ताओं द्वारा शत-प्रतिशत फॉलो-अप सुनिश्चित किया गया। गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य निगरानी और चौथी प्रसवपूर्व जांच के दौरान वजन मापन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और पोषण परामर्श से महिलाओं में वजन वृद्धि का प्रतिशत 99.90 दर्ज किया गया। अभियान अवधि में शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण भी कराया गया।
मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने पूरे अभियान की प्रभावी, नियमित और परिणामोन्मुख मॉनिटरिंग सुनिश्चित की। फील्ड से लेकर समीक्षा स्तर तक निरंतर निगरानी, विभागीय समन्वय और समयबद्ध फीड बैक के चलते अभियान के परिणाम स्पष्ट रूप से सामने आए। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति सिन्हा ने बताया कि अभियान में सैम, सीवियर अंडरवेट बच्चों और गर्भवती महिलाओं से जुड़े सभी मानकों पर एक साथ काम किया गया। डेटा-आधारित मॉनिटरिंग और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व आशा के समन्वित प्रयासों से यह सफलता संभव हो सकी।
संभव अभियान में कानपुर ने प्रदेश में हासिल किया पहला स्थान