किन्नर को अगवा कर पीटने व अपमानित करने का मामला पकड़ा तूल, किन्नर गुटों में एरिया और गद्दी को लेकर खुली जंग

कानपुर।
ट्रेनों और सार्वजनिक स्थानों पर किन्नरों द्वारा जबरन वसूली, विरोध करने पर मारपीट और अभद्रता की घटनाएं अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं। यात्रियों से लेकर आमजन तक यह आरोप लगाते रहे हैं कि वसूली करने वालों में कई नकली किन्नर भी शामिल होते हैं। अब इन शिकायतों के बीच किन्नर समाज के भीतर ही एरिया और गद्दी पर कब्जे को लेकर बढ़ते विवाद सामने आने लगे हैं, जिनकी पुष्टि जीआरपी और सिविल पुलिस की जांचों में भी होने लगी है।
पुलिस जांच के अनुसार, दुआओं के नाम पर होने वाले इस धंधे में अब लालच, मिलावट और आपसी संघर्ष इस कदर बढ़ चुका है कि किन्नर गुटों के बीच हिंसक टकराव की घटनाएं सामने आने लगी हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला बाबूपुरवा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक किन्नर के अपहरण, मारपीट और अपमान का आरोप लगने के बाद पूरा मामला तूल पकड़ गया है।
दो दिन पूर्व बाबूपुरवा इलाके में आदित्य अंबिका नाम की किन्नर को कथित तौर पर एक अन्य किन्नर गुट द्वारा अगवा कर लिया गया। आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसके बाल व भौंहें काटकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। इस मामले में पुलिस ने बुधवार को कोमल, कशिश और सौम्या किन्नर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
एफआईआर दर्ज होते ही किन्नर समाज के भीतर आक्रोश फैल गया और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। गुरुवार को एफआईआर में नामजद तीनों आरोपी किन्नर अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे, जहां उन्होंने ताली बजाकर और बद्दुआएं देते हुए खुद पर लगे आरोपों को “वसूली के चक्कर में इलाके पर कब्जा करने की साजिश” करार दिया। उन्होंने पुलिस को अपनी ओर से भी लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा।
मुख्य आरोपी कोमल किन्नर ने आरोपों को पूरी तरह फर्जी बताते हुए उल्टा अंबिका किन्नर और उसकी कथित गुरु मान्या पर गंभीर आरोप लगाए। कोमल का कहना है कि अंबिका पक्ष, संजू किन्नर की अगुवाई में, दूसरे गद्दीनशीन गुरु-चेलों के इलाकों में घुसकर जबरन वसूली करता है। आरोप लगाया गया कि इलाके पर कब्जा जमाने के लिए युवकों को मेकअप कराकर, साड़ी पहनाकर किन्नर के वेश में वसूली करवाई जाती है।
कोमल किन्नर का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर संबंधित लोग शराब के नशे में धमकियां देते हैं, मारपीट करते हैं और झूठे मुकदमे दर्ज कराते हैं। उन्होंने दावा किया कि टाटमिल इलाके में झगड़ा अंबिका किन्नर और उसके साथियों ने ही शुरू किया था, और कथित अपहरण, मारपीट व बाल काटने की घटना में उनका कोई हाथ नहीं है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
गौरतलब है कि एफआईआर दर्ज होने से पहले अंबिका किन्नर और उसकी गुरु मान्या ने भी इंसाफ न मिलने की स्थिति में सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। अब दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि किन्नर समाज के भीतर पनप रहे आंतरिक विवादों और अवैध वसूली की सच्चाई को भी उजागर करता नजर आ रहा है।

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