कानपुर में जिलाधिकारी ने बैठक में बैंक अधिकारियों को 3 फरवरी तक सभी लंबित ऋण आवेदनों को निपटाने का अल्टीमेटम दिया
कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति और वितरण में हो रही धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और स्पष्ट किया कि यह योजना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
डीएम ने निर्देश दिए कि सभी बैंकों को अपने स्तर पर लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा करनी होगी और प्रत्येक आवेदक से सीधे संपर्क स्थापित करना होगा। यदि किसी आवेदन में दस्तावेजों की कमी है, तो उसकी स्पष्ट जानकारी आवेदक को तुरंत दी जाए और आवश्यक दस्तावेज पूरे कराए जाएं। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है और आवेदकों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना योजना की मूल भावना के खिलाफ है।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जनपद को 4000 के लक्ष्य के सापेक्ष कुल 5380 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं, जिनमें से 2168 आवेदनों को स्वीकृति मिली है और 2120 मामलों में ऋण वितरण किया जा चुका है। इसके बावजूद 1006 आवेदन स्वीकृति के स्तर पर और 254 आवेदन ऋण वितरण के स्तर पर लंबित हैं। जिलाधिकारी ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए सभी संबंधित बैंकों को निर्देशित किया कि आगामी 3 फरवरी तक प्रत्येक लंबित प्रकरण का अनिवार्य रूप से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा के बाद लंबित मामलों की जिम्मेदारी संबंधित बैंक की होगी और इसकी समीक्षा उच्च स्तर पर की जाएगी।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह, लीड जिला प्रबंधक आदित्य कुमार सहित विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सीएम युवा उद्यमी विकास योजना में लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें, डीएम ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए