“फाइव-डे बैंकिंग के लिए कानपुर में विरोध

कानपुर: शहर के बैंककर्मियों ने ‘फाइव-डे बैंकिंग’ लागू करने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार को नगर की भारतीय स्टेट बैंक समेत 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हाथों में काले बिल्ले बांधकर काम किया और सरकार व प्रबंधन के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। बैंककर्मियों का कहना है कि वर्तमान में लागू दूसरे और चौथे शनिवार के अवकाश के अलावा पहले और तीसरे शनिवार को भी पूर्ण अवकाश घोषित करना आवश्यक है ताकि कर्मचारियों की कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
उत्तर प्रदेश बैंक एम्पलाइज यूनियन के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बैंककर्मी शामिल हुए। यूनियन के मंत्री रजनीश गुप्ता और संयुक्त मंत्री अंकुर द्विवेदी ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन केवल एक शुरुआत है और अगर उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो आगामी 27 जनवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल में पूरे राज्य के बैंक कर्मचारी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी को दोपहर में इंडियन बैंक, बड़ा चौराहा से एक विशाल जुलूस निकाला जाएगा, जिससे केंद्र सरकार तक बैंककर्मियों की आवाज़ पहुंचाई जाएगी और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए दबाव बनाया जाएगा।
बैंककर्मियों का कहना है कि अन्य सरकारी कार्यालयों की तरह बैंकों में भी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू होना चाहिए। इसके लिए कर्मचारियों ने बार-बार आग्रह किया है कि वर्तमान दो दिवसीय शनिवार की छुट्टी के अलावा अतिरिक्त शनिवार की छुट्टी भी दी जाए। यूनियन के पदाधिकारियों ने चेताया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाओं में भारी व्यवधान हो सकता है।
नगर की विभिन्न बैंक शाखाओं में विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से मनोज तिवारी, अंशुमान तिवारी, स्वाति सिंह, अनिल सोनकर, नितिन शर्मा, सुनील शुक्ला, केएम शुक्ला, अंकित अवस्थी, अरविंद द्विवेदी, रोशूल सचान, शिवम निगम, धर्मराज, अनुराग सिंह, रामेंद्र सहाय, पुष्कर मिश्रा, पंधारी लाल वर्मा, शोभित शुक्ला, सतीश कुमार, सत्येंद्र सक्सेना, लालचंद, अमरीश मिश्रा, मोहित केसरवानी, आकाश श्रीवास्तव, स्वप्निल त्रिपाठी, आशुतोष दीक्षित, विनय गोयनका, राजेश गुप्ता और पंकज शर्मा सहित सैकड़ों कर्मचारी शामिल रहे। यूनियन ने कहा कि विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले सभी कर्मचारी पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं, लेकिन उनकी मांगों को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम ला सकता है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि वे इस मसले को गंभीरता से लें। उन्होंने बताया कि लगातार बढ़ते काम के दबाव, लंबे समय तक काम करने और अवकाश की कमी के कारण बैंककर्मी मानसिक और शारीरिक रूप से थक चुके हैं। यूनियन का कहना है कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू होने से कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी और ग्राहक सेवा में भी सुधार होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर 27 जनवरी को हड़ताल होती है, तो महीने के आखिरी सप्ताह में बैंकिंग सेवाओं पर गहरा असर पड़ेगा। चेक क्लियरिंग, कैश ट्रांजेक्शन, लोन डीलिंग और अन्य वित्तीय कार्य ठप हो सकते हैं, जिससे न केवल शहर के ग्राहकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, बल्कि आर्थिक लेन-देन में भी बाधा आएगी। यूनियन ने यह स्पष्ट किया कि उनका विरोध केवल कर्मचारियों के अधिकारों और कल्याण के लिए है, और इसमें कोई राजनीतिक तत्व नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय मीडिया और नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है ताकि बैंककर्मियों की स्थिति को समझा जा सके और सरकार पर दबाव बनाया जा सके। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा और यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो यह संघर्ष पूरे राज्य और देशभर में तेज़ रूप ले सकता है। इस मुद्दे को लेकर नगरवासियों में भी चर्चा तेज है और लोगों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग लागू होने से सामान्य ग्राहक भी लाभान्वित होंगे, क्योंकि उन्हें लंबी कतारों और समय पर सेवाएं मिलने में आसानी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नमस्कार,J news India में आपका हार्दिक अभिनंदन हैं, यहां आपकों 24×7 के तर्ज पर पल-पल की अपडेट खबरों की जानकारी से रूबरू कराया जाएगा,खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करें- +91 9044953076,हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही फेसबुक पेज को लाइक अवश्य करें।धन्यवाद