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कानपुर- सीनियर आईपीएस अतुल श्रीवास्तव के डीसीपी सेंट्रल के रूप में पदभार संभालने के बाद से सेंट्रल जोन की पुलिसिंग में सुधार और नई कार्यशैली स्पष्ट रूप से नजर आने लगी है। डीसीपी श्रीवास्तव कार्यालय में बैठे रहने की बजाय प्रतिदिन अपने जोन के थानों और गश्त स्थलों का दौरा कर रहे हैं। चाहे वह चमनगंज हो, बेकनगंज, नजीराबाद या अन्य क्षेत्र, डीसीपी खुद लगातार सड़क पर गश्त कर थानों की कार्यप्रणाली, स्टाफ की ड्यूटी और अनुशासन की निगरानी कर रहे हैं। उनकी इस सक्रियता का असर स्पष्ट दिख रहा है। सेंट्रल जोन के थानों में स्टाफ की लाइन, अनुशासन और ड्यूटी प्रबंधन अब पहले से काफी बेहतर हुआ है, और नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा भी मिल रहा है।
इस क्रम में बुधवार को डीसीपी अतुल श्रीवास्तव ने कार्यालय में सेंट्रल जोन के समस्त थानों के मुंशी और ड्यूटी मुंशी की विशेष ब्रीफिंग ली। इस दौरान उन्होंने थानों और कार्यालयों में ड्यूटी के पारदर्शी आवंटन पर जोर दिया और निर्देशित किया कि प्रत्येक कार्य पूर्णतया नियमों और प्रोटोकॉल के अनुसार किया जाए। डीसीपी ने थानों में साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव और कार्यालयीन अनुशासन पर विशेष ध्यान देने के लिए भी स्पष्ट निर्देश दिए।
डीसीपी ने यह भी कहा कि समय पर रिपोर्ट का प्रेषण, आगंतुकों के साथ शालीन व्यवहार, उच्च अधिकारियों के आदेशों का तत्काल पालन और जनता से जुड़े कार्यों में पूर्ण संवेदनशीलता अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर एडीसीपी/एसीपी स्वरूपनगर सुमित सुधाकर रामटेके भी उपस्थित रहे। उन्होंने डीसीपी के आदेशों और दिशा-निर्देशों को लागू करने में सहयोग करने का संकल्प जताया। डीसीपी अतुल श्रीवास्तव का यह प्रयास पुलिसिंग में पारदर्शिता, अनुशासन और जनता के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का उदाहरण साबित हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के सक्रिय निरीक्षण और प्रशिक्षण से पुलिस थानों में कार्यशैली में सुधार होता है, अपराध नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा में बढ़ोतरी होती है और जनता का पुलिस पर विश्वास मजबूत होता है। डीसीपी की यह पहल न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए चेतावनी है बल्कि जनता के लिए सुरक्षा और विश्वास का संदेश भी है।
इस प्रकार, सेंट्रल जोन के थानों में कार्यप्रणाली और अनुशासन सुधारने के साथ ही, डीसीपी अतुल श्रीवास्तव ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता के मामलों में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और हर अधिकारी को अपने कर्तव्यों का पूर्ण पालन करना अनिवार्य है।