कानपुर।
कानपुर में भाजपा नेता हर्षित तिवारी और उनके परिवार पर 30 नवंबर 2025 को हुए जानलेवा हमले के आरोपियों को पुलिस की उदासीनता के कारण संरक्षण मिल रहा है। पीड़ित हर्षित तिवारी, उनके भाई अनुराग तिवारी और मित्र करुणेश सिंह ने बताया कि शादी समारोह के दौरान फोटो खींचने को लेकर हुई मामूली विवाद ने जानलेवा हमला और अपहरण के प्रयास का रूप ले लिया। इस मामले में आरोपितों में प्रतीक यादव, नकुल गुप्ता, अनुराग दीक्षित, प्रत्यूष दीक्षित, सौरभ उत्तम (सेंटी) और ऋषभ सागर (रिशु कल्लू) शामिल थे।
घटना के संबंध में किदवई नगर और नौबस्ता थाना में अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन अब तक पुलिस ने किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। पीड़ित के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद पुलिस सुनवाई नहीं कर रही है।
हर्षित तिवारी ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज बसंत बिहार नितिन सिंह ने कहा, “पैसे वाले लोगों से मत भिड़ो, अपना मुकदमा वापस ले लो।” मुख्य आरोपी प्रतीक यादव, जो एम एस गैलेक्सी होटल का संचालन करता है, कई अन्य थानों में दर्ज गंभीर मुकदमों में भी शामिल रहा है।
पीड़ित ने चेतावनी दी है कि न्याय न मिलने पर वे मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाएंगे। हर्षित तिवारी कानपुर ग्रामीण भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री हैं और उनका कहना है कि दबंगों के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित होना चाहिए।
कानपुर में भाजपा नेता पर हमले के आरोपियों को मिल रहा संरक्षण, पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई