कानपुर-उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षा के व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति की समीक्षा बैठक सभापति डॉ. धर्मेंद्र सिंह की अध्यक्षता में तथा सदस्य सलिल विश्नोई, डॉ. आकाश अग्रवाल एवं डॉ. बाबू लाल तिवारी की उपस्थिति में सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित की गई बैठक में जनपद में संचालित निजी एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों की स्थिति, शुल्क संरचना, मानकों के अनुपालन तथा शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया समीक्षा बैठक में इंजीनियरिंग कॉलेजों, निजी शिक्षण संस्थानों एवं विद्यालयों की शुल्क व्यवस्था, स्कूली वाहनों की सुरक्षा एवं परमिट, शिक्षकों के रिक्त पद, वेतन एवं सेवा शर्तें, मदरसा शिक्षा तथा मिड डे मील से जुड़े मुद्दों को समिति के समक्ष रखा गया समिति ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार के शोषण को स्वीकार नहीं किया जाएगा और मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की संस्तुति की जाएगी समिति के सभापति डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा को व्यवसाय के रूप में संचालित करने की प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय है उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा व्यवस्था पारदर्शी, न्यायसंगत और विद्यार्थियों के हितों के अनुरूप संचालित हो उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरटीई अधिनियम के अंतर्गत केवल पात्र विद्यार्थियों का ही प्रवेश सुनिश्चित किया जाए बैठक में कानपुर नगर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार राय, बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत सिंह सहित उच्च शिक्षा विभाग एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे अधिकारियों द्वारा समिति के समक्ष जनपद में संचालित शिक्षण संस्थानों की संख्या, उनकी मान्यता, शुल्क निर्धारण की स्थिति तथा प्राप्त शिकायतों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षा के व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति की समीक्षा बैठक आयोजित