फर्जी दस्तावेजों पर होगी FIR, EWS बच्चों के प्रति संवेदनशीलता बरतने की अपील
कानपुर।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं उद्देश्यपूर्ण बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी कानपुर जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कानपुर प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन (KPSA) के कार्यकारी सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि RTE का लाभ केवल वास्तविक रूप से पात्र एवं जरूरतमंद बच्चों तक ही पहुँचना चाहिए। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपेक्षा की कि वे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों के साथ करुणा, संवेदनशीलता और सहानुभूति के भाव से व्यवहार करें तथा अधिनियम की मूल भावना को बनाए रखें।
इस दौरान कानपुर प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि शहर में RTE प्रवेश के नाम पर फर्जीवाड़ा सक्रिय है। कुछ साइबर कैफे संचालकों एवं असामाजिक तत्वों द्वारा फर्जी आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र एवं अन्य दस्तावेज तैयार कर RTE के अंतर्गत अवैध प्रवेश कराने का प्रयास किया जा रहा है।
इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय को कोई RTE आवेदन संदिग्ध प्रतीत होता है, तो विद्यालय प्रारंभिक स्तर पर उसकी जांच कर सकता है। यदि जांच में फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो ठोस साक्ष्यों के साथ तुरंत जिलाधिकारी कार्यालय को सूचना दी जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर RTE प्रवेश प्राप्त करने का प्रयास करने वाले अभिभावकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि RTE के अंतर्गत प्रवेश केवल अधिनियम में निर्धारित प्रारंभिक कक्षाओं में ही मान्य होंगे। इसके साथ ही अभिभावक केवल अपने निर्धारित क्षेत्र/वार्ड के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों का ही चयन कर सकें, इसके लिए विद्यालयों की उचित मैपिंग सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
बैठक में कानपुर प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य सरदार मनमोहन सिंह, बलविंदर सिंह, अमरप्रीत सिंह, यूसुफ बेग, जावेद हाशमी, सचिन चित्रांशी, सुबोध कटियार एवं संजय सचान सहित अन्य पदाधिकारी गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे।
कानपुर प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन ने जिला प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए संकल्प लिया कि सभी निजी विद्यालय सामूहिक रूप से मिलकर RTE प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाएंगे, ताकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम अपने वास्तविक उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा कर सके।
कानपुर में RTE फर्जीवाड़ा सक्रिय, डीएम ने दिए सख्त निर्देश