कानपुर। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जिला स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में नकली दवाओं एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी और कठोर कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ड्रग विभाग को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि नकली दवाओं के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय पर पैनी निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि जनहित सर्वोपरि है और दवाओं के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनस्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री के खिलाफ सघन अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि आमजन के स्वास्थ्य की रक्षा खाद्य सुरक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बैठक में विभागीय समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में खाद्य सचल प्रयोगशाला ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील’ के माध्यम से जनपद में कुल 5250 खाद्य नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 192 नमूने मानकों के विपरीत पाए गए। वहीं भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के ‘ईट राइट चैलेंज’ कार्यक्रम के तहत अब तक जनपद के 409 प्रतिष्ठानों को हाइजीन रेटिंग प्रमाण-पत्र प्रदान किया जा चुका है।
ड्रग विभाग के अधिकारियों के कार्य प्रदर्शन पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अपने सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए और जनपद में नकली एवं मिलावटी दवाओं के कारोबार में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने समस्त खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापार मंडलों के साथ प्रत्येक माह कम से कम एक बैठक आयोजित करें तथा खाद्य सुरक्षा नियमों, मिलावट के दुष्परिणामों और वैधानिक प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं। इसके साथ ही होटल व रेस्टोरेंट में स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और समय-समय पर उन्हें जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।उन्होंने सभी अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर मिलावटखोरों और नकली पैकेजिंग करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मिलावटखोरों पर सख्ती, नकली दवाओं के खिलाफ अभियान तेज करने के डीएम के निर्देश