कानपुर शहर में कई ऐसे अस्पताल लंबे समय से संचालित हो रहे हैं, जिनके पास न तो वैध नर्सिंग होम पंजीकरण है, न फायर सेफ्टी की अनुमति, और न ही स्वास्थ्य मानकों का कोई पालन किया जाता है। इन अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग अक्सर इन पर कार्रवाई करने में नाकाम रहता है। कभी-कभी अधिकारी समाचार या शिकायत मिलने पर निरीक्षण करने आते हैं, लेकिन कई बार वे केवल औपचारिकता पूरी कर जाने के बाद चले जाते हैं, जबकि अस्पताल खुलेआम अपनी गतिविधियाँ जारी रखते हैं।
सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर ऑपरेशन थिएटर सील किए जाने के बाद भी अस्पताल संचालक अपनी गतिविधियों को बिना किसी रोक-टोक के जारी रखते हैं। यह स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि क्या स्वास्थ्य विभाग नियमों के पालन के बजाय किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। कानपुर के नागरिकों के लिए यह एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है कि शहर में ऐसे अवैध अस्पतालों का संचालन जारी है, जो मरीजों की जान और सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं।
कानपुर में अवैध अस्पतालों का खेल: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने बढ़ाई मरीजों की जान पर खतरा