तीन दिवसीय आयोजन में दरबार साहिब में जत्थेदारों ने अमृत वाणी सुनाकर किया निहाल
कानपुर-दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह के 359वें प्रकाश पर्व के मौके पर शनिवार को मोतीझील में जनसैलाब उमड़ पड़ा सवा लाख से एक लड़ावा का जज्बा देने वाले सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशपर्व में शामिल होने के लिए सभी समाज के लोग उत्सुक थे क्या सिख और क्या अन्य धर्म, सभी लोग दशमेश पिता के प्रति समर्पित नजर आए लाखों की संख्या में लोग मोतीझील लॉन पहुंचे और यहां पर दशमेश पिता के त्याग और बलिदान की कहानी सुनी किस तरह से सिखों के अंतिम गुरु ने अपने चार बेटों की हंसते-हंसते कुर्बानी दे दी जुल्म के आगे वह झुके नहीं और उन्होंने अपना भी बलिदान दे दिया गुरु के त्याग की कहानी सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गई और लोग उनकी महानता को याद करते रहे प्रकाश पर्व के मौके पर गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया गुरु के दरबार में मत्था टेकने के बाद श्रद्धालुओं ने मोतीझील में चलने वाले लंगर का प्रसाद भी ग्रहण किया यहां लोगों के लिए काबुली चने के छोले, गर्मा गरम रोटियां साथ में देशी घी का हलवा बरताया जा रहा था मुंह में डालते ही स्वाद कुछ ऐसा मानो कि फाइव स्टार होटल की स्पेशल डिश हो हर कोई प्रेम से एक साथ बैठकर साथ में भोजन करता नजर आया अंतिम पातशाही श्रीगुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशपर्व के उपलक्ष्य में मोतीझील लॉन में तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें दरबार साहिब में जत्थेदारों ने अमृतवाणी सुनाकर सभी को निहाल किया और तीन दिन तक विभिन्न धार्मिक आयोजन किए गए 25 दिसम्बर से शुरु हुए कार्यक्रम 27 दिसंबर तक चला और तीन दिवसीय उत्सव का समापन हुआ यंग मैन सिख एसोसिएशन की ओर से जोड़ा घर की साल 1933 से शुरुआत की गई थी इसके संस्थापक सरदार कुलदीप सिंह बग्गा थे इस ट्रस्ट में वर्तमान प्रधान सरदार जसवीर सिंह सचदेवा आए हुए श्रद्धालुओं के जूते उतार करके रखते हुए सेवा देते दिखे। उनके साथ समाज के लोग भी इस काम में हाथ बंटाते दिखे।