कानपुर।
कानपुर नगर निगम की सदन बैठक मंगलवार को शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गई। सदन की कार्यवाही जैसे ही प्रारंभ हुई, पार्षदों के बीच शोर-शराबा और नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामे के बीच महापौर प्रमिला पांडेय ने सख्त तेवर अपनाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जिसको जो करना है करे, लेकिन अगर प्रस्ताव के बीच में कोई बोला तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा।” महापौर की चेतावनी के बावजूद सदन में काफी देर तक शोरगुल बना रहा।
महापौर ने दोपहर 12 बजे नगर निगम सदन की बैठक बुलाई थी, जिसमें नगर आयुक्त की मौजूदगी में शहर के विकास से जुड़े कुल 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें पारित किया जाना है। इन प्रस्तावों में मंगल भवन की बुकिंग राशि, नए भवन स्वामियों के लिए नामांतरण शुल्क निर्धारण, कूड़ा गाड़ियों की कमी, सफाई व्यवस्था, पार्क विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं।
बैठक में सबसे अहम मुद्दा नामांतरण शुल्क को लेकर है। गौरतलब है कि प्रदेश में सबसे अधिक नामांतरण शुल्क कानपुर नगर निगम द्वारा ही वसूला जाता था। नए भवन खरीदने वाले भवन स्वामियों को सर्किल रेट के आधार पर भारी भरकम शुल्क देना पड़ता था, जिसका पार्षदों और आम जनता द्वारा व्यापक विरोध किया गया था। विरोध के बाद नगर निगम ने शुल्क में कटौती की थी। करीब 15 दिन पहले हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि सर्किल रेट या डीएम सर्किल रेट के आधार पर नामांतरण शुल्क की जगह केवल 6500 रुपये लिए जाएंगे। इसी निर्णय पर आज अंतिम मुहर लगाई जानी है।
इसके अलावा मंगल भवन को शादी-विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यों के लिए 11 हजार रुपये में बुकिंग पर देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिलने की संभावना है। यह प्रस्ताव मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है।
सदन में उठाए गए प्रमुख प्रस्ताव
बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा होनी है, जिनमें
फजलगंज में नव निर्मित गंगूबाबा बारातशाला को मांगलिक कार्यों के लिए 21 हजार रुपये में बुक करने का प्रस्ताव,
नानाराव पार्क स्थित श्रीश्याम महोत्सव स्थल को धार्मिक, शासकीय एवं अर्द्धशासकीय कार्यक्रमों के लिए बुकिंग शुल्क निर्धारण,
पनकी भाऊ सिंह क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण प्लांट में सीयूजीएल कंपनी द्वारा वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित करने के लिए अनुबंध पर चर्चा,
किसी व्यक्ति या सामाजिक संस्था को अपने पूर्वजों की स्मृति में पार्कों में पौधे, बेंच आदि लगाने की अनुमति (क्षेत्रीय पार्षद की सहमति अनिवार्य),
सभी वार्डों में मृतक एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्थान पर चार-चार सफाई कर्मचारियों की तैनाती,
केशवपुरम में सत्यम स्वीट हाउस से मसवानपुर चौराहे तक 25.57 लाख रुपये की लागत से डिवाइडर मरम्मत कार्य शामिल हैं।
शहर के विकास और व्यवस्थाओं से जुड़े इन प्रस्तावों को लेकर सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बनी रही, हालांकि महापौर और नगर आयुक्त ने कार्यवाही को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन प्रस्तावों पर सदन की सहमति से अंतिम मुहर लगती है या नहीं।
कानपुर नगर निगम सदन में हंगामे के बीच शुरू हुई बैठक, महापौर ने दी सख्त चेतावनी