मनीष गुप्ता
प्रेस वार्ता में डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने किया सनसनीखेज खुलासा
कानपुर नगर। शहर में ऑटो को हथियार बनाकर सवारियों को लूटने वाले शातिर बदमाशों के हौसले उस वक्त पस्त हो गए, जब थाना रेलबाजार पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने महज 24 घंटे के भीतर लूट की वारदात का खुलासा करते हुए तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, डेल इंस्पिरॉन 520 लैपटॉप, एक्स-पेन टैब और प्रिंटर सहित पूरा माल बरामद कर लिया है।
प्रेस वार्ता के दौरान डीसीपी पूर्वी ने बताया कि वादी अमित चौहान पुत्र संत निवास सिंह, निवासी जिला महाराजगंज ने थाना रेलबाजार में तहरीर देकर अवगत कराया था कि दिनांक 18 दिसंबर 2025 को वह टाटमिल चौराहे से रामादेवी चौराहे जाने के लिए एक ऑटो में सवार हुआ था। रास्ते में ऑटो चालक और उसके दो साथियों ने पहले बातचीत में उलझाया और फिर उसे सीओडी पुल के नीचे सुनसान स्थान पर ले जाकर डराया-धमकाया। इसके बाद बदमाशों ने उसका कीमती सामान लूट लिया और मौके से फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना रेलबाजार पर तत्काल मु0अ0सं0 193/2025, धारा 309(2) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। इसके बाद पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर विशेष निर्देश दिए गए और थाना रेलबाजार पुलिस एवं क्राइम ब्रांच कानपुर नगर की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई।
पुलिस टीम ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों, रूट मैपिंग और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। लगातार दबिश के बाद पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर तीनों शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जिससे पुलिस की सक्रियता और मुस्तैदी साफ नजर आई।
गिरफ्तार अभियुक्तों में रिंकू यादव पुत्र पुजारी यादव, निवासी संतोष बाबा मंदिर के पीछे खाली प्लॉट में बनी झोपड़ी, थाना बर्रा; अमित कुमार पासवान पुत्र दिनेश कुमार पासवान, निवासी दुर्गा प्रसाद बगिया, थाना हनुमंत बिहार, कानपुर नगर तथा निहाल कुमार प्रजापति पुत्र लाला कुमार प्रजापति, निवासी नारायणपुरी जोगी बाबा मंदिर गल्ला मंडी, थाना हनुमंत बिहार, कानपुर नगर शामिल हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि तीनों आरोपी ऑटो में सवारी बैठाकर सुनसान स्थानों पर ले जाकर लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे।
पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि इस त्वरित और सराहनीय कार्रवाई पर गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को ₹25,000 का इनाम दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि ऑटो या अन्य सार्वजनिक वाहनों में यात्रा करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
ऑटो बना लूट का अड्डा, 24 घंटे में पुलिस ने तोड़ा गिरोह