कानपुर। पर्यावरण विकास संस्थान एवं विकासिका के संयुक्त तत्वावधान में काकोरी एक्शन केस के अमर शहीदों को उनके चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में शहीदों के मस्तक पर चंदन का तिलक लगाकर दीप प्रज्वलन व आरती की गई तथा उपस्थित जनों ने “भारत के शहीद अमर रहें” के नारे लगाए। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पूर्व पार्षद व समाजसेवी विजय नारायण शुक्ला ने बताया कि पं. रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां व ठाकुर रोशन सिंह को अलग-अलग जेलों में फांसी दी गई थी, जबकि राजेंद्र लाहिड़ी को इससे पूर्व फांसी दी गई, क्योंकि अंग्रेज सरकार एक साथ फांसी से जनआक्रोश से भयभीत थी। संगोष्ठी में संयोजक राकेंद्र मोहन तिवारी ने शहीदों के बलिदान को स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक धरोहर बताया। विकासिका के महामंत्री डॉ. विनोद त्रिपाठी ने पं. बिस्मिल को महान क्रांतिकारी के साथ साहित्यकार भी बताया। वरिष्ठ समाजसेवी श्यामदेव सिंह ने कहा कि काकोरी कांड से अंग्रेज सरकार हिल गई थी। अध्यक्षता करते हुए कृष्ण कांत अवस्थी ने युवाओं को शहीदों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। संचालन उमेश शुक्ला ने किया।
इस अवसर पर शहीदों की स्मृति में काव्य समारोह भी हुआ, जिसमें कवियों ने देशभक्ति रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में डॉ. शशि शुक्ला, अशोक मिश्रा भूटानी, विनय अवस्थी, फैसल सिद्दीकी, कैलाश चंद्र त्रिपाठी, प्रेम सागर दुबे, रमेश चंद्र पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार व समाजसेवी उपस्थित रहे।
काकोरी कांड के अमर शहीदों को पुष्पांजलि, संगोष्ठी व काव्य गोष्ठी का आयोजन