ठंड में रैन बसेरों की पोल खुली, डीएम के औचक निरीक्षण में भैरव घाट रैन बसेरे में मिली गंभीर अव्यवस्थाएं

24 घंटे में सुधार के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

कानपुर।
बढ़ती ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने देर रात शहर के विभिन्न रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान भैरव घाट स्थित रैन बसेरे में व्यवस्थाओं की गंभीर खामियां सामने आईं, जिन्हें देखकर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

भैरव घाट रैन बसेरे के निरीक्षण के दौरान मौके पर केयरटेकर रामबाबू तिवारी उपस्थित मिले। रैन बसेरे में ठहरे लोगों से बातचीत में यह तथ्य सामने आया कि अब तक न तो रजाई उपलब्ध कराई गई है और न ही कंबल की कोई व्यवस्था है। मजबूरीवश लोग अपने निजी कंबल लेकर यहां रुकने को विवश हैं।

अभिलेखों की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस रैन बसेरे का निरीक्षण अब तक किसी भी जोनल सेनेटरी ऑफिसर, जोनल अधिकारी अथवा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नहीं किया गया। रैन बसेरे के कमरों में गंदगी पाई गई, वहीं शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब मिली। केयरटेकर ने बताया कि यहां किसी स्वीपर की तैनाती नहीं है, जिसके कारण नियमित सफाई नहीं हो पा रही है।

निरीक्षण के दौरान प्रकाश व्यवस्था भी बेहद नाकाफी पाई गई। कमरों में अंधेरा पसरा हुआ था, जिससे ठहरे लोगों को काफी असुविधा हो रही थी। बताया गया कि रैन बसेरे की कुल क्षमता 50 लोगों की है, लेकिन समुचित इंतजाम न होने के कारण यहां रहने वालों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

व्यवस्थाओं की गंभीर खामियों पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और निर्देश दिए कि 24 घंटे के भीतर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, रजाई-कंबल की उपलब्धता तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि ठंड के मौसम में रैन बसेरों को लेकर किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने समस्त नोडल अधिकारियों को भी सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित सभी रैन बसेरों का तत्काल निरीक्षण करें और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की उदासीनता स्वीकार्य नहीं होगी। यदि किसी रैन बसेरे में कमी पाई जाती है तो संबंधित नोडल अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इससे पूर्व जिलाधिकारी ने परमट मंदिर के निकट स्थित रैन बसेरे का भी औचक निरीक्षण किया। यहां निरीक्षण के दौरान 18 लोग ठहरे हुए मिले। मौके पर अलाव जलता हुआ पाया गया तथा साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल की सुविधा संतोषजनक रही। बताया गया कि उक्त रैन बसेरे की कुल क्षमता 20 लोगों की है और यहां पर्याप्त मात्रा में रजाई व कंबल उपलब्ध हैं। व्यवस्थाएं संतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया।

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