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कानपुर। हाईकोर्ट के आदेश पर शासन की दो सदस्यीय टीम ने अखिलेश दुबे के पार्कों पर अवैध कब्जों की जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। जांच में पार्क की जमीन पर स्कूल, बास्केटबॉल कोर्ट और प्लॉटिंग के अवैध निर्माण पाए गए, जिसे देखकर जांच में शामिल अफसर भी हैरान रह गए। कमेटी अपनी रिपोर्ट 5 दिसंबर को हाईकोर्ट में पेश करेगी।
हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल करने वाले अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने पार्क भूखंड संख्या-559 में अवैध कब्जे का आरोप लगाया था। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने शासन से दो सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
शासन की ओर से गठित समिति के अध्यक्ष बलकार सिंह और आवास विभाग के विशेष सचिव राजेश राय ने जांच के दौरान डॉ. बृजकिशोरी दुबे स्कूल, बास्केटबॉल कोर्ट और आसपास के प्लॉटों का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि पार्क की जमीन पर स्कूल का भवन और बास्केटबॉल कोर्ट बनाए गए थे, जबकि कुछ हिस्सों की प्लॉटिंग कर बेच दी गई थी। इसके अलावा, पार्क की जमीन पर साम्बा अखिलेश्वर आशुतोष धाम और निःशुल्क होम्योपैथिक क्लीनिक के नाम पर भी अवैध कब्जा पाया गया।
जांच के दौरान केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ज्याल, सचिव अभय कुमार पांडेय, चीफ इंजीनियर आरआरपी सिंह, चीफ टाउन प्लानर मनोज कुमार, प्रवर्तन जोन प्रभारी अतुल राय सहित केडीए के तमाम वरिष्ठ अफसर मौजूद रहे।
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कमेटी हाईकोर्ट में पेश करेगी रिपोर्ट
शासन की कमेटी अब हाईकोर्ट में अपनी जांच रिपोर्ट पेश करेगी। रिपोर्ट में दो बिंदुओं पर जानकारी देनी है—
1. पार्क की जमीन का आवंटन डॉ. बृज किशोरी दुबे स्कूल प्रबंधन को किसने किया।
2. इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं।
केडीए की ओर से बताया गया कि 1998 में तत्कालीन चीफ इंजीनियर डीपीएस त्यागी ने 10 साल के लिए पार्क की जमीन स्कूल को आवंटित की थी। बाद में डीपीएस त्यागी की हत्या हो गई थी।
जांच में सामने आए तथ्य और हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के मद्देनज़र यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पार्क के अवैध कब्जों पर जल्द ही बुलडोजर चल सकता है। प्रशासन और न्यायालय की निगाह इस मामले पर टिकी हुई है।