ललितपुर।
जस्ट राइटस फॉर चिल्ड्रेन द्वारा चलाया जा रहा 100 दिवसीय अभियान बनाएगा बाल विवाह मुक्त भारत के अन्तर्गत बुन्देलखण्ड सेवा संस्थान द्वारा बुंदेलखंड के जनपद झांसी के बबीना एवं बडागांव ब्लॉक के विभिन्न गांव में बाल विवाह मुक्त झांसी बनाने के उददेश्य से समुदाय एवं स्कूलों में बाल विवाह से पढ़ने वाले दुष्प्रभाव बाल विवाह रोकने एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। बुन्देलखण्ड सेवा संस्थान के समन्वयक अमरदीप वमोनिया द्वारा समुदाय के लोगों को बाल यौन शोषण, बाल श्रम बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूक कर संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में अपील की गई कि अभी विवाहों के सीजन चल रहे है ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी है कि किसी भी स्थिति में किसी भी बालिका का बाल विवाह ना हो पाए अगर ऐसा कोई करता है तो शासन द्वारा चलाए जा रहे टोल फ्री नंबरों पर अवगत कराएं। समुदाय के बाल हितग्राहियों के सहयोग से ऐसे परिवारों का भी चिन्हीकरण किया जा रहा है जिन परिवारों में बालिकाओं की उम्र 18 वर्ष से कम है और विवाह होने की संभावना हो सकती है। बाल विवाह की सूचना शासन द्वारा संचालित किये जा रहे। आपातकालीन निः शुल्क नम्बर पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 महिला हेल्पलाइन 1090 या नजदीकी पुलिस को बिना डरे अपनी समस्या बता सकते हैं। आपकी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जायेगी। बाल विवाह से पडने बाले दुष्यप्रभाव को बताते हुये कहा कि बच्चों का बालपन-बचपन खत्म हो जाता है उनका मानसिक विकास पर घातक प्रभाव पडता है। बालिकाओं के पढने लिखने की उम्र में उनको इस दलदल में फसा कर जिम्मेदारी का बोझ रख दिया जाता है। साथ में वंचित परिवारों को सम्बन्धित योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
बुन्देलखण्ड सेवा संस्थान के निदेशक वासुदेव सिंह ने कहा कि केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने भी वर्ष 2030 तक बाल विवाह के खात्मे के लक्ष्य के साथ 27 नवंबर 2024 को ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत की थी। आज हम बाल विवाह के खात्मे के मुहाने पर खड़े हैं। हालांकि इस दिशा में हमारे प्रयास अर्से से जारी हैं लेकिन यह एक अहम समय है क्योंकि बहुत सारे परिवार इस शुभ मुहूर्त का उपयोग बच्चों की शादी के लिए करते हैं। इस शुभ मुहूर्त की गरिमा को बनाए रखने के लिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि एक भी बाल विवाह नहीं होने पाए।
बुन्देलखण्ड सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए देश के नागरिक समाज संगठनों के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। संगठन भारत सरकार की ओर से पिछले साल शुरू किए गए ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के नक्शेकदम पर पिछले कई वर्षों से जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए लगातार जमीनी प्रयास कर रहा है। सुरक्षा, बचाव व अभियोजन मॉडल पर अमल करते हुए संगठन स्कूलों, समुदायों व गांवों में जागरूकता अभियान चला रहा है; बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई में धार्मिक नेताओं को जोड़ रहा है और अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ करीबी सहयोग से काम कर रहा है।
संगठन ने जिला प्रशासन को सभी सरपंचों को यह निर्देश देने को कहा है कि वे अपने गांव में होने जा रहे सभी विवाहों की निगरानी करें और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से अपने इलाके में इन विवाहों की सूची तैयार करें। साथ ही, स्कूलों को भी सतर्क किया जाए कि इन दिनों अगर कोई बच्चा गैरहाजिर है तो वे इसकी वजह पता करें।
इस अभियान में सपोर्ट पर्सन शिवानी पोरवाल, विकास निरंजन सामुदायिक समाजिक कार्यकर्ता रामगोपाल, पवन गौतम वॉलिन्टीयर विजय एवं समुदाय के बाल हितग्राहियों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
100 दिवसीय अभियान से गूंज उठा बुंदेलखंड, लक्ष्य—बाल विवाह मुक्त भारत