बलिया – बलिया जिला अस्पताल में आए दिन मरीजों को वाराणसी या अदर डिस्ट्रिक रेफर कर दिया जाता है। क्योंकि जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था का खस्ता हाल है।वही अर्थों की अगर बात करें तो आर्थो की मशीन आज कई महीनो से खराब पड़ी लेकिन आज तक वह मशीन ठीक तक नही हुई। जिसके चलते मरीजों को वाराणसी के लिए रेफर करना पड़ता है। जिला अस्पताल में पांच सालों से दस वेल्टीनेटर मौजूद है लेकिन उसको चलाने वाला कोई नहीं है। और उसमे जो कमियां थी आज तक उसको जिला चिकित्सालय पूरा नहीं कर पाया। आज भी जिला अस्पताल से लेकर ट्रामा सेंटर की हालत भी बद से बत्तर हो गई है।यूपी सरकार के मंत्री कभी कभी जिला अस्पताल का निरीक्षण तो करते है लेकिन जिला चिकित्सालय में सुविधा बढ़ाने को लेकर कोई बात तक नही करते।निरीक्षण के नाम पर बस यूपी सरकार के मंत्री खानापूर्ति करते है। वही सीएमएस सुजीत कुमार ने बताया कि जिला चिकित्सालय विशेषज्ञों का चिकित्सालय है हमारे यहां सर्जरी की,आर्थो सर्जरी की,फिजिशियन के रूप में डेंटल सर्जन के रूप में विशेषज्ञ मौजूद है।जो बीमारी या जो दुर्घटना होती है जहां जहां हमारे विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती है वहां हमारे विशेषज्ञ उपलब्ध है।सारी दवाएं उपलब्ध है, सभी चिकित्सक 24 घंटे सेवाएं देते है कोई ऐसी बीमारियां कुछ ऐसी अवस्था आ जाती है जहां हमे सुपर स्पेशलिटी जैसे न्यूरो सर्जन, काजियोलाजिष्ट, प्लास्टिक सर्जन जैसे जहां डीएम और एमसीएस की आवश्यकता होती है जैसे हमारा ट्रामा सेंटर थ्री, फोर का ट्रामा सेंटर है। जहन मरीजों को हम लोग गोल्डन आवर करते हुए स्टेबलाईज करते है मरीज को। वैसे मरीज को जो न्यूरो सर्जन की आवश्यकता होती है या प्लास्टिक सर्जन की जरूर पड़ती है जिसके बाद सरकारी वाहनों से ट्रामा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर करते है।जिससे मरीज को बेहतर इलाज वाहन मिल जाए।वही बताया कि हमारा सीआर मशीन (आर्थो की मशीन) है वह कुछ महीनो से खराब है। इसके लिए हम लोगों ने शासन से मांग पत्र लिखा है मशीन लगभग चार महीनों से खराब है वह बनने योग्य नहीं है। नई मशीन चाहिए ही।वही ट्रामा सेंटर में वेल्टीनेटर लगा है लेकिन अभी तक कोई चलाया नही साहब बोलते है कि अब मौजूद है डॉक्टर बहुत जल्द चालू होगा।क्योंकि की छोटी छोटी कमियां है उसको बहुत ही जल्द उपलब्ध करा दिया जायेगा।
बलिया जिला अस्पताल की बदहाली: 5 साल से वेंटिलेटर धूल खा रहे, ट्रामा सेंटर बना रेफर सेंटर