अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था की पहल, आर.एम. ने बसों व डिपो में पोस्टर लगाने का दिया आश्वासन
कानपुर। राज्य सड़क परिवहन निगम और अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था की पहल पर कानपुर नगर के सभी डिपो के चालक, परिचालक, अधिकारी व कर्मचारी को सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण मॉडल ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, एलेन फॉरेस्ट में आयोजित हुआ।
सांकेतिक भाषा की जानकारी न होने के कारण निगम के परिचालक, चालक और कर्मचारी बधिर यात्रियों की समस्याओं को समझ नहीं पाते थे, जिससे उन्हें यात्रा के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया।
विश्व बधिर दिवस पर हुई पहल
अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से विश्व बधिर दिवस पर अनुरोध किया था कि पूरे प्रदेश में चालक-परिचालकों को सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिया जाए। उसी श्रृंखला में आज कानपुर में यह प्रशिक्षण आयोजित हुआ।
विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण में ए.यू.पी.ए.डी. के सदस्य राहुल सचान, बधिर खेल संघ के सचिव सौरभ श्रीवास्तव, स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ कानपुर के सचिव आशीष बाजपेई, वीरेन्द्र शुक्ला, दीपाली सर्राफ, और दुभाषिया बलराम सिंह यादव ने विशेषज्ञ के रूप में प्रशिक्षण दिया।
उद्घाटन और सहभागिता
प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि आर.एम. महेश कुमार ने किया और अध्यक्षता राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने की।
इस अवसर पर वीरेन्द्र कुमार ने कहा,
“बधिर व्यक्तियों की भाषा आम लोग नहीं समझ पाते। सरकारी संस्थानों के साथ-साथ विद्यालयों और निजी संस्थानों में भी सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण अनिवार्य होना चाहिए।”
मुख्य अतिथि महेश कुमार ने कहा कि परिवहन विभाग दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी बसों और डिपो में सांकेतिक भाषा के पोस्टर लगाए जाएंगे।
कार्यक्रम में ए.आर.एम. कानपुर देहात मुहम्मद असफाक और ट्रेनिंग इंचार्ज योगेश ने भी सहभागिता की।