मनीष गुप्ता
कानपुर। जुहारी देवी गर्ल्स पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग द्वारा 23 सितम्बर 2025 को हिंदी पखवाड़े के अवसर पर आशु लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने निबंध, कहानी और कविता लेखन में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
प्रतियोगिता के लिए निबंध का विषय “हिंदी: शिक्षा, साहित्य और संस्कृति की आत्मा” निर्धारित किया गया, जबकि कहानी लेखन हेतु “डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत” तथा “मोबाइल की लत और टूटते रिश्ते” विषय दिये गए। कविता लेखन में “माँ की ममता और परिवार का बंधन” पर स्वरचित रचनाएँ प्रस्तुत की गईं।
हिंदी विभाग की प्रभारी प्रो. अलका द्विवेदी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य उनकी लेखन प्रतिभा को निखारना और सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना है। प्राचार्या प्रो. रंजू कुशवाहा ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और हिंदी विभाग को बधाई दी। प्रतियोगिता में लगभग 100 छात्राओं ने भाग लिया।
प्राप्त रचनाएँ निर्णायक मंडल की सदस्याएँ प्रो. ज्ञान प्रभा अग्रवाल, प्रो. सुनीता द्विवेदी और प्रो. अर्चना दीक्षित को भेजी गईं। विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में हिंदी विभाग की आरती कुमारी के साथ अन्य विभागों से डॉ. शालिनी यादव, कु. रेनू, डॉ. ऋचा सवसेना, डॉ. रुचि कटियार, श्रीमती प्रतिमा सिंह एवं डॉ. सारिका अवस्थी का विशेष योगदान रहा। मंच सज्जा में चित्रकला विभाग की सहायक आचार्य डॉ. कल्पना गौड़ की भूमिका सराहनीय रही। कार्यक्रम में शोध छात्राएँ श्रीमती रिंकी पादव और अलका यादव ने सक्रिय सहयोग दिया। इस दौरान महाविद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिकाएँ प्रो. अल्पना राय, डॉ. ज्योतिर्मयी त्रिपाठी, प्रो. शालिनी अग्रवाल और प्रो. चांदनी सक्सेना भी उपस्थित रहीं। मंच का सफल संचालन हिंदी विभाग की सहायक आचार्य आरती कुमारी ने किया।