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ई-रिक्शा चालक मायूस होकर लौटे
कानपुर-आरटीओ विभाग कब क्या कर दे किसी को नहीं पता ऐसा ही एक मामला बुधवार को जानकारी में आया सूत्रों की माने तो आरटीओ कानपुर में ई-रिक्शा के स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोक दी गई जिन ई-रिक्शा चालको की स्थाई लाइसेंस की सरकारी फीस जमा और स्लाट बुक थी उनकी बुधवार को स्कूटनी ही नही की गई अब प्रश्न यह उठता है कि आखिरकार भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार की कोई ई-रिक्शा लाइसेंस न बनाने की गाइड लाइन तो थी नहीं तो उसे परिवहन सारथी की आन-लाइन साइड मे बन्द क्यो नही किया गया जिससे ये गरीब रिक्शे वालो को भटकना पड़ा? आपको बताते चले अपना सभी कार्य छोड़कर ई-रिक्शा चालक आरटीओ कार्यालय आते हैं जब उनका यह कार्य नहीं होता है तो उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है और आरटीओ कार्यालय आने पर उनकी दिनभर की कमाई समाप्त हो जाती है और कार्य नहीं होने पर उन्हें मायूस लौटना पड़ता है अब देखने वाली बात यह है कि आखिर आरटीओ कार्यालय में यह नियम बनाता कौन है।