कानपुर।
कानपुर मेट्रो परियोजना का दूसरा कॉरिडोर (सीएसए यूनिवर्सिटी से बर्रा-8) अब अपनी रफ्तार पकड़ चुका है। इस कॉरिडोर के लिए सीएसए यूनिवर्सिटी परिसर में बन रहे अत्याधुनिक मेट्रो डिपो में ट्रैक निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अनुमान है कि आने वाले महीनों में इस कॉरिडोर पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इस कॉरिडोर के लिए कुल 10 ट्रेनें प्रस्तावित हैं, जिनमें प्रत्येक में 3 कोच होंगे।
✅ 6 ट्रैक तैयार, आधे से ज्यादा काम पूरा
डिपो में कुल 15 ट्रैकों की योजना है, जिनमें से अब तक 6 ट्रैक बिछा दिए गए हैं। इन ट्रैकों का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए होना है—4 ट्रैक वर्कशॉप के लिए, 4 स्टेबलिंग के लिए, 4 शंटिंग के लिए, 1 कोच अनलोडिंग, 1 पिट व्हील और 1 टेस्ट ट्रैक के लिए निर्धारित हैं। इनमें से कोच अनलोडिंग वाला ट्रैक और स्टेबलिंग के लिए प्रस्तावित 4 में से 3 ट्रैक पूरे हो चुके हैं। शंटिंग के लिए भी 2 ट्रैक बिछाए जा चुके हैं।
✅ 5 टर्नआउट/स्विच से मिलेगी ट्रेनों को नई दिशा
6 ट्रैकों के साथ-साथ 5 टर्नआउट/स्विच भी स्थापित कर दिए गए हैं। इनके माध्यम से ट्रेनें एक लाइन से दूसरी लाइन पर आसानी से स्थानांतरित की जा सकेंगी। इससे शंटिंग, स्टेबलिंग और ओवरटेकिंग जैसी गतिविधियाँ सरलता से हो पाएंगी।
✅ बैलास्टेड और बैलास्ट-लेस ट्रैक का मिश्रण
डिपो में बैलास्टेड (गिट्टी सहित) और बैलास्ट-लेस, दोनों प्रकार के ट्रैक बिछाए जा रहे हैं। हालांकि, अधिकांश हिस्सों में बैलास्टेड ट्रैक का ही उपयोग किया जा रहा है।
✅ तेजी से हो रहा अन्य तकनीकी कार्य
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2, दोनों जगह ट्रैक बिछाने का कार्य संतोषजनक गति से हो रहा है। बारादेवी से नौबस्ता तक एलिवेटेड सेक्शन में ट्रैक बिछाने के साथ-साथ सिग्नलिंग, टेलीकॉम और इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स का कार्य भी प्रगति पर है। कॉरिडोर-2 डिपो में थर्ड रेल सिस्टम इंस्टॉलेशन का कार्य भी साथ-साथ किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि, “कानपुर मेट्रो परियोजना तेजी से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ रही है। ट्रैक बिछाने और तकनीकी कार्यों की प्रगति देखकर उम्मीद है कि आने वाले समय में यात्रियों को मेट्रो की सुविधाएं और भी बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।”