आज 9 अगस्त को आदिवासी दिवस के अवसर पर कानपुर में मैनावती मार्ग पर अंजली लान में आदिवासी समाज के द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया ,जिसमें मुख्य अतिथ के रुप में इं कोमल सिंह (मिशन 78 कांशीराम) तथा ,विशिष्ट अतिथ अर्चना निषाद, शिवशरन गौंड, इं मुन्ना लाल गौंड,उमेश कुमार गौंड, राम नजर, अशोक कुमार गौंड, राजेन्द्र कुमार, रामायण निशाद, विनोद पाल सहित सैकडों लोग उपस्थित रहे।
इं कोमल सिंह ने बताया कि आज ही के दिन को संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व मूलनिवासी दिवस भी घोषित कर रखा है।
जिससे कि उस देश के नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं से कोई विदेशी या आक्रमण कारी वंचित न कर सके लेकिन भारत में आदिवासी समाज की जल ,जंगल, जमीन को छीना जा रहा था तभी आदिवासियों के तमाम क्रांतिकारियों ने आंदोलन किये जिसमें उलगुलान आंदोलन के मुखिया भगवान विरसा मुंडा जी थे इसके बाद से आदिवासी समाज अपने हक अधिकार बचाने के लिये संघर्ष कर रहा है ।बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर जी ने संबिधान में आदिवासी समाज के लिए 5 वीं और 6 वीं अनुसूची बनाकर उनके अधिकार सुरक्षित किये लेकिन बड़े दुख के साथ कहना है कि आज ही के दिन 9 अगस्त को कुछ जातंकवादियों ने दिल्ली में संबिधान की प्रति को जलाने का काम किया क्योंकि बहुजन समाज को जो हक अधिकार मिल रहे हैं वो संबिधान की बजह से मिल रहे हैं इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी है कि संबिधान को बचाना होगा और आने वाली पीढ़ी को ये बताना होगा कि जबतक पढोगे नहीं समाज में काम नही करोगे नये आंदोलन के लिए तैयार नही रहोगे तब तक आपको कुछ मिलने वाला नहीं है ,आपको एकजुट होकर शासक करती जमात बनना होगा ।क्योंकि यही सपना बाबासाहेब का था।
कार्यक्रम का संचालन इं मुन्नालाल गौंड ने किया ।
आदिवासी दिवस के अवसर पर कानपुर में आदिवासी समाज के द्वारा एक बैठक का आयोजन