कानपुर-उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण कानपुर नगर द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबनधन प्राधिकरण के सहयोग से कानपुर नगर की तहसील सदर में 02 स्थानों पर एवं बिल्हौर में 01 स्थान पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया जितेन्द्र प्रताप सिंह जिलाधिकारी/रिस्पांसिबल ऑफिसर/अध्यक्ष जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, कानपुर नगर द्वारा इन्सीडेन्स रिस्पांस सिस्टम को एक्टिव किये जाने के निर्देश दिये गये तथा सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को अपने कर्मचारियों एवं उनके विभागीय उपकरणों सहित जनपद कानपुर नगर में बाढ़ आपदा से राहत एवं बचाव कार्य किये जाने हेतु निर्देशित किया, जिसमें सभी विभाग 24 घण्टे एक्टिव मोड में रहते हुये बाढ़ या अन्य किसी प्रकार की सूचना प्राप्त होनें पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें व जनपद में 03 अलग-अलग स्थानों पर बाढ़ आपदा मॉकड्रिल के दौरान राहत कार्य आरम्भ कराकर बाढ़ आपदा में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर सुरक्षित पहुंचाने की मॉकड्रिल की जाएं मॉक ड्रिल की शुरूआत उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर द्वारा अलर्ट जारी करते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर कानपुर नगर को बताया गया कि जनपद कानपुर नगर में अतिवृष्टि व गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने से जनपद कानपुर की तहसील सदर एवं बिल्हौर में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है विवेक चतुर्वेदी, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) नोडल अधिकारी कानपुर नगर द्वारा बाढ़ आपदा में राहत एवं बचाव कार्य हेतु इमरजेंसी ऑपरेशन सेण्टर कानपुर नगर का संचालन किया गया जिसमे सभी सम्बन्धित विभागों को प्रथम घटना स्थल सरसैया घाट में डूबते हुये लागों को बचाये जाने, ग्राम कटरीपुर संराय में गंगा नदी का जल स्तर बढने पर ग्राम को खाली कर चिहिन्त राहत शिविर में ठहराये जाने तथा तहसील बिल्हौर के ग्राम नानामऊ में बाढ़ वार्निंग के अनुसार ग्राम को खाली कराकर राहत शिविर में ठहराने, बाढ़ चौकी चिकित्सा कैम्प में लगाये गये कर्मचारियों, चिकित्सीय टीम के कार्यों को किये जाने के निर्देश दिये गये।
घटना स्थल में राहत कार्यों का विवरण : घटना स्थल सरसैया घाट अविचल प्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी, सदर/ इन्सीडेन्स कमाण्डर के नेतृत्व में सरसैया घाट पर गंगा नदी में नाव के पलटने पर पीएसी, जल पुलिस के माध्यम से डूबते हुये दो व्यक्तियों का रेस्क्यू कर बचाया गया बचाये गये व्यक्तियों को स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस के द्वारा प्राथमिक उपचार देते हुए एम्बुलेंस के माध्यम से उर्सला अस्पताल में भर्ती किया गया उक्त के अतिरिक्त पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, सिंचाई विभाग, जल कल, आर्मी, पशुपालन विभाग, होमगार्ड, पंचायतीराज, जिला सैनिक कल्याण, विद्युत विभाग, नेशनल कैडेट कोर, अग्निशमन विभाग, खाद्य एवं रसद विभागों द्वारा भी अपने विभागीय कार्यों के दायित्वों का अभ्यास किया गया, घटना स्थल ग्राम कटरी शंकरपुर सरायं विनय कुमार द्विवेदी, तहसीलदार सदर/इन्सीडेन्स कमाण्डर के नेतृत्व में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने पर बाढ़ से प्रभावित ग्राम कटरी शंकरपुर सरायं के बाढ़ पीड़ित व्यक्त्यिों को निकालकर बाढ़ शरणालय मे ले जाने तथा राहत एवं अन्य सुविधायें दिये जाने का कार्य सभी सम्बन्धित विभागों के माध्यम से किया गया, घटना स्थल ग्राम नाना मऊ श्री कृष्णा प्रसाद, उपयोजना अधिकारी बिल्हौर इन्सिडेंस कमाण्डर के नेतृत्व में गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि पर मिली चेतावनी के अनुसार ग्राम नाना मऊ को पुलिस, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, कृषि विभाग में भर्ती ट्रॉली के माध्यम से खाली भारी मात्रा में खाद्य आपूर्ति शिविर में रखा गया राहत शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 12 गरीबों की जांच की गई, जिनमें से दो गरीबों की जांच एंबबुल केंस में सीएचसी द्वारा की गई। बिल्लौर में उपचार हेतु भेजा गया। पशु चिकित्सा शल्य चिकित्सा कंपनी का अवलोकन किया गया, मॉक मीट के दौरान प्रेक्षक एसएसएस कासिम, पुलिस मुख्यालय मुख्यालय, कमिश्नरेट, कानपुर नगर राजेश कुमार पांडे, कैप्टन अंजल कुलसारी, आरडी फोर्स, कैप्टन शर्मा श्रुर्ती महावीर, आरडी फोर्स द्वारा जिला कानपुर नगर में फूड मॉक असिस्टेंट की बहुत सारी नियुक्तियां की गईं रामानुज, सहायक प्रभारी अधिकारी दैवीय आपदा द्वारा इमर्जेंसी ऑपरेशन सेंटर का संचालन किया गया और जुगबीर सिंह, आपदा विशेषज्ञ कानपूर नगर द्वारा मॉक डिजास्टर में अपना सहयोग प्रदान किया गया बाढ़ आपदा के दौरान राहत एवं बचाव प्रणाली को सक्रिय करने के उद्देश्य से बाढ़ आपदा के दौरान राहत एवं बचाव प्रणाली से जुड़े सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके सहयोगी दल को शामिल किया गया है ताकि भविष्य में किसी भी आपदा के दौरान राहत सामग्री उपलब्ध करायी जा सके ताकि उनका बेहतर उपयोग किया जा सके।