कानपुर-उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ द्वारा सिविल लाइंस स्थित लोक निर्माण विभाग कार्यालय प्रांगण में मांगों को लेकर समस्त कर्मचारियों ने सभा कर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री से सम्बंधित ज्ञापन कोतवाली एसओ विजय पांडे को प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल द्वारा दिया गया जिसमें प्रमुख मांगे इस प्रकार है प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में मूलभूत समस्याएं राज्य कर्मचारी एवं शिक्षक आदि के मध्य व्याप्त है पीएफआरडीए अधिनियम एवं नेशनल पेंशन स्कीम एवं यूनीफाइड पेंशन स्कीम को समाप्त किये जाने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया जाये इम्पालाइज पेंशन स्कीम (ईपीएस-95) के तहत आने वाले कर्मचारियों को परिभाषित नाम पेंशन दी जाये एवं उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करते हुए दैनिक वेतन भोगी एवं वर्क चार्ज कर्मचारियों को पुरानी सेवाओं को जोड़ते हुए पुरानी पेंशन का लाभ प्रदान किया जाये पुराने टैक्स स्लैब में आयकर की सीमा बढ़ाकर 10 लाख की जाये एव सरकारी कर्मचारियों की आयकर में मानक कटौती बढ़ाकर 2 लाख किये जाने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया जाये, आठवें वेतन आयोग का गठन किये जाने के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश राज्य से महासंघ का प्रतिनिधित्व किये जानें हेतु प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया जाये, कोरोना काल में रोके गये 18 महीने के महंगाई भत्ता का शीघ्र भुगतान किये जाने हेतु प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया जायें चतुर्थ श्रेणी की नियमित भर्तियां शुरू की जायें, स्कीम वर्कर्स जैसे आशाबहू आंगनबाड़ी, वन विभाग के दैनिक कर्मी, रसोइयां, पंचायत सहायक, सफाई कर्मी, संविदा एवं आऊटसोर्सिंग में कार्यरत चालक, कम्प्यूटर आपरेटर, फोटोकापी आपरेटर, पम्प चालक, हेल्पर वायर मैन शिक्षामित्र, अनुदेशक शिक्षक एवं विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जुडी हुई महिला कार्यकर्त्री को काम के घन्टें, अवकाश की सुविधा, जॉब की गारंटी एवं मुआवजा की व्यवस्था शुरू की जायें, राज्य कर्मचारी महासंघ एवं विभिन्न परिसंघों हेतु पूर्व में प्रदेश स्तर पर सचिवालय प्रवेश पत्र जारी किये जाने की प्रथा थी परन्तु पिछले कुछ दिनों से समाप्त कर दी गई है जिससे विभिन्न स्तरों पर कर्मचारियों की अनेकों समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है अतः सचिवालय प्रवेश पत्र की व्यवस्था बहाल की जायें, राज्य में लिपिक संवर्ग में कार्यरत कनिष्ठ सहायक का न्यूनतम ग्रेड पे रूपए 2800 की जाये, उत्तर प्रदेश में स्मारकों, पार्कों, संग्रहालयों, उपवनों आदि अनुरक्षण समिति में कार्यरत कर्मचारियों का वेतन पुनरीक्षित कर ग्रेड पे रुपए 1800 एवं सातवें वेतन आयोग का लाभ प्रदान किया जाये उत्तर प्रदेश में निगमों जैसे जल-कल, जल संस्थान आदि विभागों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का नियमितीकरण, सेवानिवृत्ति कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की जायें, उत्तर प्रदेश के सभी विभागों के प्रत्येक जनपद मुख्यालयों पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का पद सृजित किया जाये एवं ग्रेड पे रुपये 5400 किया जाये, सप्तम वेतन आयोग के अनुसार राज्य कर्मचारियों को रुपए 18,000 न्यूनतम बोनस दिया जाये, परिषदीय शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाये, 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता वेतन में जोड़कर आवास भत्ता की स्लैब भी बढ़ाई जाये एवं प्रत्येक पांच वर्ष में समयबद्ध वेतन पुर्ननिर्धारण किया जाये उत्तर प्रदेश में कार्यरत मातृ शिशु एवं महिला कल्याण कर्मचारियों की नियमावली पुरुषों से अलग बनायी जाये एवं रुपए 2800 ग्रेड पे दिया जाये, भारत सरकार से उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को वेतन की समानता का अधिकार दिया जाये, सभी कर्मचारियों एवं अनुबंधित कर्मचारियों को सभी अस्पतालों में कैश लैस उपचार सुनिश्चित करने के लिए सरकारी समर्थन के साथ एक व्यापक स्वास्थ बीमा योजना, चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ प्रदान किया जाये एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति में की जा रही आयकर कटौती को समाप्त किया जाये ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल, प्रांतीय महामंत्री अशोक कुमार सिंह, रविंद्र कुमार मधुर, आयकर अधिकारी शरद अग्रवाल, असद शमीम खान आदि लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन