अखिलेश से मिले सोहिल, कैंट में बढ़ी हलचल

कानपुर। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी बीच कानपुर कैंट विधानसभा सीट को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हाल ही में कांग्रेस के पूर्व विधायक सोहिल अख्तर अंसारी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की एक कार्यक्रम के दौरान हुई मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में दोनों नेताओं के बीच बातचीत को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इस मुलाकात को कैंट सीट के टिकट का अंतिम फैसला मानना अभी जल्दबाजी होगी।‌ चर्चा के मुताबिक, मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव की ओर से कैंट सीट को लेकर आश्वासन दिए जाने की बात सामने आ रही है। इसी कथित आश्वासन को लेकर राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या आगामी विधानसभा चुनाव में कानपुर कैंट सीट के उम्मीदवार को लेकर समाजवादी पार्टी कोई नया फैसला कर सकती है।क्या कांग्रेस के साथ गठबंधन की स्थिति में यह सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है। फिलहाल इन सवालों पर किसी आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।

2022 में सपा ने दर्ज की थी जीत

कानपुर कैंट विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सोहिल अख्तर अंसारी ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद वर्ष 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के मोहम्मद हसन रूमी ने लगभग 19,987
भाजपा के रघुनंदन सिंह भदौरिया को हराकर सीट पर कब्जा किया। इस तरह पिछले दो विधानसभा चुनावों में इस सीट पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को जीत मिली।
अब 2027 के चुनाव से पहले एक बार फिर सीट के बंटवारे और संभावित प्रत्याशी को लेकर चर्चाएं तेज होने लगी हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन की संभावनाओं के बीच कैंट सीट दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में पूर्व विधायक सोहिल अख्तर अंसारी की अखिलेश यादव से मुलाकात को भी इसी राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है।

क्या गठबंधन में बदल सकता है सीट का समीकरण

कानपुर कैंट सीट पर समाजवादी पार्टी के मौजूदा विधायक मोहम्मद हसन रूमी हैं। ऐसे में यदि भविष्य में गठबंधन के तहत सीटों के बंटवारे पर बातचीत होती है, तो इस सीट को लेकर दोनों दलों के बीच क्या सहमति बनती है, यह देखने वाली बात होगी। कांग्रेस की ओर से इस सीट पर दावेदारी किए जाने की संभावना को लेकर भी चर्चाएं हो सकती हैं, लेकिन किसी दल की आधिकारिक घोषणा के बिना इसे तय मानना उचित नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अखिलेश यादव की सोहिल अख्तर अंसारी से बातचीत का संबंध आगामी चुनाव में सीट के बंटवारे से है। हालांकि, केवल मुलाकात या बातचीत के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि समाजवादी पार्टी अपने मौजूदा विधायक से नाराज है या कैंट सीट कांग्रेस को देने का फैसला कर चुकी है।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

फिलहाल कानपुर कैंट विधानसभा सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है। एक ओर मौजूदा विधायक मोहम्मद हसन रूमी की दावेदारी को लेकर सवाल हैं, तो दूसरी ओर पूर्व विधायक सोहिल अख्तर अंसारी और अखिलेश यादव की मुलाकात ने नई अटकलों को जन्म दिया है। अब सभी की निगाहें आगामी चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच होने वाली बातचीत, गठबंधन की स्थिति और उम्मीदवारों के चयन पर टिकी हैं। हालांकि, सीट के बंटवारे और टिकट को लेकर समाजवादी पार्टी या कांग्रेस की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक घोषणा सामने आने तक इन चर्चाओं को संभावनाओं और राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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