वसूली संबंधी शिकायतों पर शासन के पत्र की चर्चा, संविदा कर्मचारी पर कार्रवाई की अटकलें तेज
कानपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में प्राइवेट कर्मचारी और संविदा कर्मचारी के बीच खींचतान का मामला चर्चा में है। वसूली संबंधी शिकायतों और शासन से आए पत्र को लेकर विभाग में हलचल की बात सामने आ रही है। इसे लेकर संविदा कर्मचारी पर कार्रवाई की आशंका भी जताई जा रही है। चर्चा है कि कार्यालय में कार्यरत प्राइवेट कर्मचारी अपने प्रभाव को लेकर बड़े-बड़े दावे करता है। कथित तौर पर उसने दो एडिशनल सीएमओ के तबादले कराने का हवाला देते हुए संविदा कर्मचारी को भी अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी देने की कोशिश की। प्राइवेट कर्मचारी होने के बावजूद अधिकारियों पर प्रभाव रखने के उसके दावों को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं।
वसूली संबंधी शिकायतों को लेकर हलचल
वहीं, संविदा कर्मचारी के खिलाफ वसूली संबंधी शिकायतों को लेकर शासन से पत्र आने की चर्चा है। इस घटनाक्रम के बाद संभावित विभागीय कार्रवाई को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। मामले में शिकायतों और शासन के पत्र के आधार पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर निगाहें टिकी हैं।
प्राइवेट कर्मचारी पर भी उठ रहे सवाल
दूसरी ओर, प्राइवेट कर्मचारी की कथित वसूली, संपत्ति अर्जित करने और अन्य व्यवसाय संचालित करने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि शिकायतों की वास्तविकता सामने आ सके और यह स्पष्ट हो सके कि नियमों के तहत किसकी क्या भूमिका रही है।
सीएमओ कार्यालय से जुड़े इस घटनाक्रम को लेकर अब विभागीय स्तर पर होने वाले अगले कदमों पर नजर है। शिकायतों की जांच और संबंधित अधिकारियों के रुख से ही मामले की आगे की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।