मनीष गुप्ता
कानपुर। रेलबाजार इलाके के टाटमिल स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार को मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने और मरीज को दो दिन तक वेंटिलेटर पर रखकर रुपये वसूलने का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद शाम करीब 6:30 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट होगी। शिकायत मिलने पर मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बाबूपुरवा निवासी 63 वर्षीय विजय न्यूरो संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। उनके बेटे अजय के मुताबिक, उन्होंने अपने पिता को 31 अगस्त को रेलबाजार इलाके के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उनका इलाज चल रहा था। अजय का आरोप है कि मंगलवार दोपहर डॉक्टरों ने उन्हें मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
परिजनों का कहना है कि विजय की हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई। आरोप है कि मरीज को दो दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया और इलाज के नाम पर रुपये लिए गए। मंगलवार को मरीज की मौत होने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। परिजनों के हंगामे की सूचना मिलने पर रेलबाजार पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रेल बाजार थाना प्रभारी अमान सिंह ने बताया कि अस्पताल में हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिजनों और अन्य लोगों को समझाकर शांत करा दिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने बताया कि परिजनों की ओर से शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।