105 डिग्री बुखार में बेहोश पहुंची महिला, ब्रेन टीबी की पहचान कर डॉक्टरों की टीम ने संभाला मोर्चा
मनीष गुप्ता।
कानपुर। घाटमपुर निवासी सरोज पत्नी को तेज बुखार और बेहोशी की हालत में स्वजन इलाज के लिए लेकर भटकते रहे। करीब 105 डिग्री बुखार के साथ मरीज की हालत इतनी गंभीर थी कि स्वजन बेहद परेशान थे। घाटमपुर में उपचार के बाद कई जगह चिकित्सकों से संपर्क किया गया, जहां मरीज की स्थिति को बेहद गंभीर बताया गया। इसके बाद स्वजन मरीज को नौबस्ता धोबिन पुलिया स्थित आरएस नर्सिंग होम लेकर पहुंचे।अस्पताल में मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल आवश्यक जांच कराई। एमआरआई की जांच में ब्रेन टीबी की जानकारी सामने आई। इसके बाद न्यूरो सर्जन डॉ. एसजी वर्मा, डॉ. प्रभा कुशवाहा और अस्पताल के सीएमडी डॉ. विजय सिंह भदौरिया की देखरेख में उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों की टीम ने मरीज की लगातार निगरानी करते हुए उपचार किया। इलाज के दौरान स्वजन की चिंता उस समय कुछ कम हुई, जब करीब 48 घंटे बाद मरीज को होश आ गया। लंबे समय से बेहोशी की हालत में रहने के बाद मरीज के होश में आने से परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। पति बुधपाल ने चिकित्सकों और पूरी मेडिकल टीम का आभार जताते हुए कहा कि मुश्किल समय में डॉक्टरों ने उपचार जारी रखा और उन्हें उम्मीद दी।
गंभीर मरीजों के इलाज में टीमवर्क जरूरी
अस्पताल के सीएमडी डॉ. विजय सिंह भदौरिया ने बताया कि गंभीर मरीजों के उपचार में समय पर सही जांच और चिकित्सकों की टीम की लगातार निगरानी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों की टीम पूरी तत्परता से काम करती है।
14 वर्षीय बच्चे को भी गंभीर हालत में बचाया था
डॉ. भदौरिया ने बताया कि इससे पहले करीब 14 वर्षीय बच्चा भी बेहद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। बच्चे की स्थिति को लेकर परिजन काफी चिंतित थे और कई जगह उपचार के बाद भी राहत नहीं मिली थी। आरएस नर्सिंग होम में चिकित्सकों की टीम ने करीब ढाई घंटे तक ऑपरेशन किया, जिसके बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ और उसे बचाने में सफलता मिली। सरोज के मामले में भी 48 घंटे बाद होश लौटना स्वजन के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं रहा। पति बुधपाल ने डॉक्टरों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि कठिन दौर में अस्पताल की टीम ने जिस तरह उपचार किया, वह उनके परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा।