जे न्यूज संवाददाता मनीष गुप्ता के साथ फोटोग्राफर आशीष गुप्ता मंदिर पहुंचकर पुजारी प्रदीप गौतम से की खास बातचीत, पीढ़ियों पुरानी मान्यताओं की ली जानकारी
खजुराहो। मध्य प्रदेश के खजुराहो की ऐतिहासिक धरती पर स्थित मतंगेश्वर महादेव मंदिर आस्था के साथ अपने रहस्य के लिए भी श्रद्धालुओं के बीच खास पहचान रखता है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग को लेकर मान्यता है कि इसके आकार में हर वर्ष वृद्धि होती है। इसी कारण श्रद्धालु इसे ‘जीवंत शिवलिंग’ के नाम से भी पुकारते हैं। इसी मान्यता की वास्तविकता और मंदिर से जुड़ी परंपराओं की जानकारी हासिल करने के लिए जे न्यूज के संवाददाता मनीष गुप्ता खजुराहो पहुंचे। उन्होंने मंदिर में पुजारी प्रदीप गौतम से विशेष बातचीत की और शिवलिंग से जुड़ी मान्यताओं के साथ मंदिर के इतिहास व परंपराओं की जानकारी हासिल की। पुजारी प्रदीप गौतम ने बताया कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से मतंगेश्वर महादेव मंदिर में सेवा करता आ रहा है। उनके अनुसार, श्रद्धालुओं के बीच लंबे समय से यह मान्यता चली आ रही है कि शिवलिंग की ऊंचाई में हर वर्ष करीब एक इंच की वृद्धि होती है। कुछ श्रद्धालु इसके बढ़ने को तिल के बराबर बताते हैं।
पुजारी प्रदीप गौतम ने कहा, “हमारे परिवार की कई पीढ़ियां भगवान मतंगेश्वर की सेवा करती आ रही हैं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की भगवान शिव में गहरी आस्था है। शिवलिंग के आकार को लेकर जो मान्यता है, उसे भक्त भगवान शिव का आशीर्वाद मानते हैं।”
जमीन के नीचे होने की भी मान्यता
शिवलिंग को लेकर श्रद्धालुओं में यह भी मान्यता है कि जितना हिस्सा जमीन के ऊपर दिखाई देता है, उतना ही हिस्सा जमीन के भीतर भी मौजूद है। हालांकि शिवलिंग के आकार में कथित वृद्धि के पीछे क्या कारण है, इसे लेकर कोई वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुजारी ने बताया कि सावन और महाशिवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी शिव भक्त यहां दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। मतंगेश्वर महादेव मंदिर में इतिहास, आस्था और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिलता है। शिवलिंग के बढ़ते आकार की मान्यता का रहस्य आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय है, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए भगवान मतंगेश्वर के प्रति आस्था सबसे महत्वपूर्ण है।