कानपुर समेत मध्य यूपी में तेज हवाओं, गरज-चमक और मध्यम से भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली और जलभराव को लेकर जारी की चेतावनी
कानपुर। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कानपुर मंडल सहित मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले चार दिनों तक मौसम के सक्रिय रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार 9 से 12 जुलाई के बीच कानपुर, उन्नाव, हरदोई समेत आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नम हवाओं और सक्रिय मानसून तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां तेज होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान कानपुर, उन्नाव और हरदोई में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। लखनऊ, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी सहित मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की चेतावनी दी गई है। पूर्वांचल में मध्यम बारिश जबकि बुंदेलखंड क्षेत्र में तेज हवाओं के बाद हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।
कानपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 88 प्रतिशत तथा न्यूनतम 92 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई। हवा की औसत गति 7.5 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि अधिकतम गति 11.3 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में शहर में 1.9 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के दौरान मौसम सुहावना बना रहेगा, लेकिन धूप निकलने पर वातावरण में उमस बढ़ सकती है।
बाढ़ नियंत्रण कार्यालय के सुबह 8 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार कानपुर बैराज का अपस्ट्रीम जलस्तर 112.900 मीटर तथा डाउन-स्ट्रीम जलस्तर 109.200 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से वर्तमान में 4,690 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बैराज का चेतावनी स्तर 114.000 मीटर तथा खतरे का स्तर 115.000 मीटर निर्धारित है। वहीं शुक्लागंज में गंगा नदी का जलस्तर 108.070 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी और खतरे के स्तर से काफी नीचे है।
ऊपरी क्षेत्रों से भी नदियों में पानी छोड़ा जा रहा है। हरिद्वार बैराज से 35,912 क्यूसेक तथा नरौरा बैराज से 21,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। दूसरी ओर औरैया में यमुना नदी का जलस्तर सुबह 8 बजे 100.890 मीटर दर्ज किया गया, जो बढ़ाव पर है, लेकिन अभी चेतावनी स्तर 112.00 मीटर और खतरे के स्तर 113.00 मीटर से काफी नीचे बना हुआ है। जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान 56.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। गरज-चमक के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। जलभराव वाले मार्गों पर सावधानी बरतें तथा बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। प्रशासन ने भी लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों को तत्काल सूचना देने की सलाह दी है।