मां ने पति और ससुरालियों पर लगाया हत्या का आरोप, एक हफ्ते में रिपोर्ट तलब
कानपुर। मैनावती मार्ग स्थित एनआरआई सिटी में आठवीं के छात्र प्रखर त्रिवेदी की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बीते वर्ष 16 दिसंबर को नौवीं मंजिल से गिरकर हुई किशोर की दर्दनाक मौत के मामले में अब अदालत ने पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार शुक्ला ने मृतक छात्र की मां बोस्की त्रिपाठी द्वारा दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए नवाबगंज थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार विवेचना सुनिश्चित की जाए। अदालत ने एक सप्ताह के भीतर जांच संबंधी आख्या भी तलब की है। यह आदेश बीएनएस की धारा 173(4) के अंतर्गत पारित किया गया है।
मृतक छात्र प्रखर त्रिवेदी एनआरआई सिटी के टॉवर नंबर-3 स्थित फ्लैट नंबर 904 में अपने पिता अधिवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, दादा एडवोकेट राजकिशोर त्रिवेदी और दादी सुमनलता के साथ रहता था। प्रखर की मां बोस्की त्रिपाठी पिछले चार वर्षों से अपनी छोटी बेटी के साथ कल्याणपुर स्थित मायके में रह रही हैं। पति-पत्नी के बीच तलाक का मुकदमा भी न्यायालय में विचाराधीन है।
घटना के संबंध में परिवार की ओर से बताया गया था कि प्रखर चिंटल्स स्कूल का छात्र था। घटना वाले दिन शाम करीब 5:30 बजे ट्यूशन टीचर घर पहुंची थीं। होमवर्क पूरा न होने की शिकायत पर दादी ने उसे डांट दिया था। आरोप है कि इससे नाराज होकर प्रखर बालकनी से कूद गया।
हालांकि मृतक की मां बोस्की त्रिपाठी ने इस कहानी को पूरी तरह झूठा बताते हुए अपने पति, ताऊ, दादा-दादी और अन्य ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बेटे को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रखर की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप दिया गया।
बोस्की त्रिपाठी का यह भी आरोप है कि मामले की जांच को प्रभावित किया गया और पुलिस ने दबाव में उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता अयाज अहमद खान के माध्यम से अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस को मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की दोबारा जांच करनी होगी।
इस हाई प्रोफाइल मामले में अदालत के हस्तक्षेप के बाद एक बार फिर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और कोर्ट में पेश होने वाली रिपोर्ट पर टिकी हुई है।