बाबा आनंदेश्वर धाम से शुरू हुआ संकल्प, नंगे पैर पैदल पहुंचकर किया वैदिक विधि से पूजन
कानपुर के आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत परमट स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय के पुनर्निर्माण एवं आधुनिक विद्यालय निर्माण को लेकर सोमवार को विधायक अमिताभ बाजपेयी द्वारा “शिला स्थापना कार्यक्रम” आयोजित किया गया। कार्यक्रम आध्यात्मिक, लोकतांत्रिक और भावनात्मक माहौल में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत परमट स्थित बाबा आनंदेश्वर धाम में दर्शन-पूजन से हुई। विधायक अमिताभ बाजपेयी ने बाबा का आशीर्वाद लेकर क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, सुरक्षित शिक्षा व्यवस्था और आधुनिक विद्यालय निर्माण के संकल्प को दोहराया। इसके बाद वे क्षेत्रीय नागरिकों, समर्थकों, मातृशक्ति, युवाओं और कार्यकर्ताओं के साथ नंगे पैर पैदल विद्यालय स्थल तक पहुंचे। पूरे मार्ग में अनुशासित और शांत वातावरण देखने को मिला।
विद्यालय परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन और शिला स्थापना की गई। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए। लोगों ने इसे केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि गरीब बच्चों के सम्मानजनक भविष्य और शिक्षा अधिकार से जुड़े जनसंकल्प के रूप में देखा।
बताया गया कि परमट स्थित यह सरकारी विद्यालय लंबे समय से जर्जर और असुरक्षित स्थिति में था। भवन बच्चों के लिए खतरा बन चुका था तथा परिसर में अव्यवस्थित विद्युत व्यवस्था सहित कई सुरक्षा संबंधी समस्याएं बनी हुई थीं। विधायक अमिताभ बाजपेयी ने 8 जुलाई 2024 से इस विषय को लगातार उठाया और विद्यालय का निरीक्षण कर शिक्षा विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों से पत्राचार एवं फॉलोअप किया।
आर्यनगर क्षेत्र में सरकारी विद्यालयों के आधुनिकीकरण अभियान के दौरान विधायक ने परमट विद्यालय को पहला मॉडल प्रोजेक्ट बनाने का संकल्प लिया था। उनका कहना था कि बाबा आनंदेश्वर महादेव की नगरी परमट से ही आधुनिक और सम्मानजनक सरकारी विद्यालय निर्माण की शुरुआत होनी चाहिए।
लगातार प्रयासों के बाद विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण और पुनर्निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृतियां, विभागीय एनओसी, टेंडर और वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया पूरी कराई गई। विधायक निधि से पुनर्निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ और टेंडर प्रक्रिया की विभागीय जांच में भी प्रक्रिया सही पाई गई। जिलाधिकारी स्तर से भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया कि कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं, असामाजिक तत्वों और राजनीतिक हस्तक्षेपों के कारण निर्माण कार्य में लगातार बाधाएं उत्पन्न की गईं। याचिका समिति की कार्यवाही में विद्यालय भवन को जर्जर बताया गया तथा यह भी सामने आया कि मजदूरों को धमकाकर कार्य रुकवाने जैसी घटनाएं हुईं।
इसके बावजूद विधायक अमिताभ बाजपेयी ने कहा कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि गरीब बच्चों की शिक्षा, सुरक्षित विद्यालय और बेहतर भविष्य के लिए है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जब वे प्रस्तावित शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तब भारी पुलिस बल ने उन्हें विद्यालय स्थल तक जाने से रोक दिया था। इसके बाद उन्होंने अपने आवास पर वैदिक विधि-विधान से “वर्चुअल शिलापूजन” किया और विद्यालय निर्माण पूरा होने तक जूते-चप्पल एवं ऊपरी वस्त्र त्यागने का संकल्प लिया था।
सोमवार को आयोजित शिला स्थापना कार्यक्रम को उसी संकल्प की अगली कड़ी बताया गया। विधायक ने कहा,
“यह संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ का नहीं है। यह परमट के गरीब बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य की लड़ाई है। हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि आर्यनगर क्षेत्र के अन्य विद्यालयों की तरह परमट के बच्चों को भी आधुनिक सुविधाओं वाला सुरक्षित विद्यालय मिले।”
उन्होंने कहा कि दालमंडी, सदर बाजार, बेकनगंज, हाता सवाई सिंह और चीनापार्क सहित कई विद्यालयों का आधुनिकीकरण कराया जा चुका है, लेकिन परमट विद्यालय लगातार अवरोधों के कारण पीछे रह गया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से शांति, संयम और लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि संघर्ष जनहित का है और इसे संवैधानिक दायरे में ही आगे बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम में कीर्ति अग्निहोत्री, दीपा यादव, सुरभित जायसवाल, राजकुमार अवस्थी, शालू मिश्रा, आकाश सिंह सनी, सचिन यादव, राजेश कन्नौजिया, अनुज त्रिपाठी, पिंटू कुरील, अनिल गोला, आशु कनौजिया, ऋषि चौधरी, हरीश गुप्ता, आदित्य अग्निहोत्री, शर्मिला मिश्रा, संगीता शर्मा, रविन्द्र बाजपेई, वरिष्ठ नेता राम गोपाल पुरी, वरुण मिश्रा, नीरज सिंह, सोमेंन्द्र शर्मा, सर्वेश यादव, वरुण यादव, अनिल सोनकर, आशीष पांडे, चेतन पांडे, दिलीप शुक्ला, पार्षद रजत बाजपेई, हरी ओम पांडे, दुर्गेश चक, चंकी गुप्ता, अंजुल बाजपेई, मुनी शुक्ला और गगन दीक्षित समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।