कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। आरोप है कि चोरी के शक में एक युवक को पकड़कर न केवल चौकी ले जाया गया, बल्कि वहां उसकी बेरहमी से पिटाई भी की गई। पीड़ित युवक ने पुलिसकर्मियों और कुछ स्थानीय लोगों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक कमल कश्यप को चोरी के संदेह में पटकापुर चौकी ले जाया गया था। कमल का आरोप है कि उसे बिना किसी ठोस सबूत के जबरन चौकी में बैठाया गया और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। युवक का कहना है कि पूछताछ के नाम पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि मंकित और सौरभ शुक्ला नाम के दो व्यक्तियों ने पुलिस की मौजूदगी में उसके साथ मारपीट की। कमल के अनुसार दोनों ने उसे लगातार पीटा, गालियां दीं और चोरी कबूल करने का दबाव बनाया। युवक का कहना है कि उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि उसकी हालत बिगड़ गई, लेकिन उसकी बात सुनने वाला कोई नहीं था।
कमल कश्यप ने कहा कि वह पूरी तरह निर्दोष है और उसे साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही है। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय दबंग लोगों का साथ दिया। पीड़ित का कहना है कि अगर उसके खिलाफ कोई सबूत था तो कानूनी कार्रवाई की जाती, लेकिन कानून हाथ में लेकर उसके साथ मारपीट करना पूरी तरह गलत है।
घटना के बाद पीड़ित ने थाने में लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। उसने दोषी पुलिसकर्मियों और मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। पीड़ित ने कहा, “मुझे बिना किसी सबूत के उठाया गया। पुलिस चौकी में बाहरी लोगों ने मेरे साथ मारपीट की। अगर आम आदमी को ही सुरक्षा नहीं मिलेगी तो वह न्याय की उम्मीद किससे करेगा? मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है, क्योंकि पुलिस चौकी में किसी युवक के साथ मारपीट और बाहरी लोगों की मौजूदगी कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
हालांकि अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ अधिकारी पूरे प्रकरण की जानकारी जुटा रहे हैं और जल्द ही जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। वहीं पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे उच्च अधिकारियों और मानवाधिकार संगठनों से भी शिकायत करेंगे।
चोरी के शक में युवक की पिटाई, पुलिस पर गंभीर आरोप