मरीज की मौत के बाद अस्पताल में बवाल, पुलिस टीम पर हमला; कई हिरासत में

मनीष गुप्ता

कानपुर कल्याणपुर थाना क्षेत्र के इलाके में स्थित जीवन ज्योति
अस्पताल में मरीज की मौत के बाद सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब 18 घंटे तक शव अस्पताल में रखकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन देर रात मामला और तनावपूर्ण हो गया। स्थिति तब बिगड़ गई जब मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई हो गई। घटना में एक चौकी इंचार्ज समेत कई महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं। पुलिस ने मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि मृतक गौरव सिंह (35) कन्नौज जनपद के निजामपुर गढ़िया गांव के रहने वाले थे। परिवार के अनुसार उन्हें लंबे समय से पाइल्स की समस्या थी और लगातार ब्लीडिंग हो रही थी। हालत बिगड़ने पर 9 मई को उन्हें कल्याणपुर पनकी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की बात कही और शरीर में खून की कमी बताते हुए ब्लड चढ़ाने की सलाह दी। परिवार का कहना है कि एक यूनिट ब्लड चढ़ाने के बाद भी मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ। आरोप है कि इलाज के दौरान देर रात एक इंजेक्शन लगाने के बाद अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और रात करीब ढाई बजे उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। परिवार ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मामले की सूचना पर कल्याणपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। शुरुआती बातचीत में परिवार ने कहा कि गांव के अन्य रिश्तेदारों के पहुंचने के बाद ही वे आगे का फैसला करेंगे। इसी दौरान अस्पताल परिसर में लगातार तनाव बना रहा और परिजन कार्रवाई की मांग करते रहे।
सोमवार शाम तक बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू करनी चाही तो परिजन भड़क गए। आरोप है कि इसी दौरान कहासुनी बढ़ गई और भीड़ ने पनकी रोड चौकी प्रभारी विपिन मोरल को घेर लिया। देखते ही देखते धक्का-मुक्की मारपीट में बदल गई। पुलिस के मुताबिक चौकी प्रभारी की वर्दी तक फाड़ दी गई। वहीं मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने हालात संभालने का प्रयास किया तो उनके साथ भी अभद्रता और मारपीट की गई। महिला दरोगा और महिला कांस्टेबल को चोटें आई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालात बिगड़ते देख चौकी प्रभारी किसी तरह मौके से निकलकर थाने पहुंचे और अतिरिक्त फोर्स बुलवाई। पुलिस टीम पर हमले की सूचना मिलते ही डीसीपी वेस्ट कासिम आबिदी और एसीपी आशुतोष कुमार अन्य पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। भारी पुलिस फोर्स ने अस्पताल परिसर को घेर लिया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 6 महिलाओं और 4 पुरुषों को हिरासत में लिया। सभी को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। मृतक के परिजनों ने अस्पताल संचालक और इलाज करने वाले डॉक्टरों पर गलत उपचार का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि मामूली बीमारी के इलाज में लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से गौरव की जान चली गई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और अस्पताल की जांच कराने की मांग उठाई है। साथ ही सीएमओ से अस्पताल के लाइसेंस और इलाज व्यवस्था की जांच की मांग भी की गई है। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। महिला पुलिसकर्मियों की तहरीर के आधार पर सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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