बर्रा में 7 साल के बच्चे पर तीन कुत्तों का हमला, चीख सुन दौड़े लोगों ने डंडों से बचाई जान; कंधे पर लगे 6 टांके
कानपुर के बर्रा इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। यहां पार्क में खेल रहे सात वर्षीय मासूम पर तीन आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को जमीन पर गिराकर बुरी तरह नोच डाला, जिससे उसके शरीर पर कई गंभीर घाव हो गए। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग दौड़े और डंडों तथा बैट से कुत्तों को खदेड़कर किसी तरह उसकी जान बचाई। घायल बच्चे को तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके कंधे पर छह टांके लगाए हैं।
घटना बर्रा विश्व बैंक के डी-ब्लॉक स्थित पानी की टंकी के पास की बताई जा रही है। यहां रहने वाले मनोज कुमार प्राइवेट सफाई कर्मी हैं। परिवार में पत्नी रोशनी और दो बेटे वंश व सात वर्षीय अंश हैं। परिजनों के मुताबिक अंश रोज की तरह मोहल्ले के पार्क में अन्य बच्चों के साथ खेलने गया था। इसी दौरान अचानक तीन आवारा कुत्ते उसके ऊपर टूट पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुत्तों ने बच्चे को संभलने तक का मौका नहीं दिया। अचानक हुए हमले से अंश जमीन पर गिर पड़ा और फिर कुत्तों ने उसके हाथ, पैर, कमर और कंधे पर कई जगह काट लिया। मासूम दर्द से चीखता रहा, जबकि आसपास मौजूद बच्चे डरकर भाग खड़े हुए। बच्चे की चीख सुनकर पार्क में मौजूद कुछ युवक और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने डंडे और क्रिकेट बैट लेकर कुत्तों को भगाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद कुत्तों को वहां से खदेड़ा जा सका। लोगों का कहना है कि अगर कुछ मिनट और देरी हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घायल हालत में बच्चे को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया।
डॉक्टरों के अनुसार बच्चे के शरीर पर कुत्तों के काटने के छह गहरे घाव मिले हैं। दाहिने कंधे पर गंभीर चोट होने के कारण छह टांके लगाने पड़े। फिलहाल बच्चे की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन घटना के बाद परिवार बेहद सहमा हुआ है।
घटना की जानकारी मिलने पर पार्षद पति अर्पित यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को मामले की सूचना दी, जिसके बाद कैटल कैचिंग दस्ता मौके पर पहुंचा और चार आवारा कुत्तों को पकड़कर अपने साथ ले गया। इसके बाद क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है। कई बार शिकायत के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई स्थायी कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय बच्चे पार्कों और गलियों में खेलने निकलते हैं, लेकिन आवारा कुत्तों के कारण हमेशा खतरा बना रहता है।
नगर निगम के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने बताया कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस इलाके से शिकायतें मिलेंगी वहां विशेष अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ा जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।