200 CCTV कैमरों की मदद से खुला राज, बिना नंबर बाइक और लूट की नकदी बरामद; राहगीरों को लिफ्ट देकर बनाते थे शिकार
कानपुर नगर कमिश्नरेट पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए राहगीरों को लिफ्ट देने के बहाने लूटपाट करने वाले कुख्यात ‘कंजड गिरोह’ के दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। थाना कलक्टरगंज पुलिस और पूर्वी जोन की सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान रोहित कंजड उर्फ भंगी और बृजेश के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट की ₹30,150 नकदी और वारदात में इस्तेमाल की जा रही बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से राहगीरों को अपना शिकार बनाता था। आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के आसपास घूमते थे और अकेले यात्रियों को लिफ्ट देने के बहाने बाइक पर बैठा लेते थे। इसके बाद सुनसान रास्ते पर पहुंचते ही उनकी जेब काट लेते या डराकर नकदी और कीमती सामान लूट लेते थे। कई दिनों से इस गिरोह की गतिविधियों की शिकायतें पुलिस को मिल रही थीं।
बताया गया कि बीती 1 मई को थाना कलक्टरगंज में दर्ज चोरी और लूट के मुकदमे (मुकदमा संख्या 43/2026) के खुलासे के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की थी। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के तकनीकी साक्ष्य जुटाने शुरू किए। जांच टीम ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों समेत विभिन्न स्थानों पर लगे करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। घंटों की मॉनिटरिंग और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
इसके बाद सर्विलांस टीम और थाना कलक्टरगंज पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सोमवार रात कोपरगंज रोड स्थित सिद्धेश्वर मंदिर के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से लूटी गई नकदी और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद हुई।
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कई घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी विनय तिवारी, उपनिरीक्षक प्रदीप भाटी, उपनिरीक्षक मनोज कुमार, कांस्टेबल सुमित बादल और कांस्टेबल विनय पटेल शामिल रहे। वहीं सर्विलांस सेल पूर्वी जोन से उपनिरीक्षक सुरदीप डागर, उपनिरीक्षक विकास त्यागी, उपनिरीक्षक राहुल और कांस्टेबल गौरव कुमार की भूमिका भी अहम रही।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में लिफ्ट के बहाने होने वाली लूट की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगने की उम्मीद है। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि अनजान लोगों से लिफ्ट लेने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।