राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के जागरूकता शिविर में 24 लोगों ने संपत्ति कब्जा, पुलिस की अनदेखी और उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराईं, अधिनियम 2016 के तहत अधिकारों की दी जानकारी
कानपुर। शास्त्री नगर स्थित बड़ा सेंटर पार्क (गेट नंबर-4) में राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी द्वारा ‘दिव्यांग उत्पीड़न निवारण एवं दिव्यांगजन अधिनियम-2016’ के तहत विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन पहुंचे, जहां उन्हें उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। शिविर के दौरान 24 दिव्यांगों ने उत्पीड़न, संपत्ति पर कब्जा, पुलिस द्वारा सुनवाई न होने और प्रशासनिक उपेक्षा से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं।
शिविर में सामने आए कई मामलों ने मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। कई दिव्यांगों ने आरोप लगाया कि उनके अपने ही लोग उनकी बेबसी का फायदा उठाकर संपत्ति हड़पने और उन्हें प्रताड़ित करने का प्रयास कर रहे हैं।
गीता नगर निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग नाजमा बानो ने बताया कि माता-पिता की मौत के बाद उनके भाई ने धोखाधड़ी कर मकान बेच दिया। अब जिस घर में वह रह रही हैं, वहां से भी उन्हें निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि काकादेव थाना और डीसीपी कार्यालय में शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मछरिया निवासी आफाक अहमद ने आरोप लगाया कि उनकी भाभी ने उनके हिस्से के कमरे पर जबरन ताला डाल दिया है। उन्होंने नौबस्ता पुलिस और पुलिस आयुक्त से शिकायत की, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
शास्त्री नगर निवासी दृष्टिहीन भगवान दास ने बताया कि पड़ोसी दुकानदार ने उनकी दुकान की जगह पर मलबा डलवा दिया और नगर निगम से उनका सामान हटवा दिया। वहीं सफाई कर्मचारी प्रमिला यादव ने आरोप लगाया कि विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर उन्हें अधिकारियों और कर्मचारी नेताओं द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीडीओ से शिकायत के बावजूद उनका स्थानांतरण नहीं किया गया।
घाटमपुर क्षेत्र से आए अरविंद सिंह, राम प्रकाश और उमाशंकर ने भी दबंगों द्वारा जमीन और रास्तों पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। कई दिव्यांगों ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।
राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगजन अधिनियम-2016 की जानकारी के अभाव में दिव्यांग लगातार शोषण का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिनियम की धारा-13 दिव्यांगों को संपत्ति और विरासत पर पूर्ण अधिकार देती है। धारा-7 के तहत मजिस्ट्रेट को दिव्यांगों के खिलाफ हिंसा या उत्पीड़न के मामलों में तत्काल कार्रवाई का अधिकार प्राप्त है। वहीं धारा-92 के अनुसार किसी दिव्यांग का अपमान करने या उसकी संपत्ति हड़पने पर छह महीने से पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिव्यांग को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण अधिकांश लोग अपने अधिकारों का उपयोग नहीं कर पाते। वीरेन्द्र कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि शिविर में सामने आए सभी मामलों को लेकर जल्द ही पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी से मुलाकात की जाएगी। यदि प्रशासन ने दिव्यांगजन अधिनियम को सख्ती से लागू नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा।
शिविर में प्रदेश अध्यक्ष आनंद तिवारी, जिला अध्यक्ष राहुल कुमार, अल्पना कुमारी, वैभव दीक्षित, गुड्डी दीक्षित, ओम प्रकाश दास, आशीष कुमार, दिलीप कुमार और महेश चंद्र साहू सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन मौजूद रहे।