कानपुर। विकास नगर क्षेत्र में एक महिला पर पालतू कुत्ते के हमले की खबर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर तेजी से वायरल होने के बाद नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के पशु कल्याण विभाग ने तत्काल डॉग कैचिंग दस्ते के साथ मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। हालांकि मौके पर पहुंची टीम को प्रारंभिक स्थिति ही संदिग्ध लगी, जिसके बाद विस्तृत पड़ताल में सामने आया कि पूरा मामला कुत्ते के हमले का नहीं, बल्कि एक हादसे का है।
नगर निगम की टीम जब पीड़िता किरन द्विवेदी (पत्नी स्व. गोविंद द्विवेदी) के घर पहुंची, तो वहां ताला बंद मिला। आसपास के लोगों से जानकारी लेने पर पता चला कि महिला को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। इसके बाद टीम रतनदीप अस्पताल पहुंची, जहां महिला का इलाज चल रहा था। अधिकारियों द्वारा पूछताछ करने पर किरन द्विवेदी ने स्पष्ट रूप से बताया कि वह अपने घर में कबाड़ी को पुराना लोहा और टीन की चादरें बेच रही थीं। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह लोहे के सामान पर गिर पड़ीं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
महिला ने साफ शब्दों में कहा कि कुत्ते द्वारा काटने या हमले की बात पूरी तरह निराधार है और उन्हें स्वयं नहीं पता कि यह भ्रामक खबर कैसे फैल गई। उनके इस बयान के बाद नगर निगम की टीम ने राहत की सांस ली, लेकिन साथ ही पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी पृष्ठभूमि की भी जांच की।
जांच के दौरान पशु कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित परिवार का रिकॉर्ड पहले भी संवेदनशील रहा है। पूर्व में इसी घर में पाले गए जर्मन शेफर्ड कुत्ते द्वारा महिला की सास पर हमला किए जाने की घटना सामने आई थी, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई थी। उस समय नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए कुत्ते को पकड़कर शेल्टर होम भेज दिया था। बाद में महिला के पुत्र द्वारा लिखित शपथ पत्र देने और कुत्ते की जिम्मेदारी लेने के आश्वासन पर उसे वापस सौंपा गया था।
इस पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने इस बार भी सतर्कता बरतते हुए महिला के पुत्र से फोन पर संपर्क किया और सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में उक्त कुत्ते द्वारा किसी भी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है या कोई अप्रिय घटना होती है, तो पशु मालिक के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम की निरीक्षण टीम ने स्थानीय लोगों से भी अपील की कि वे हिंसक प्रवृत्ति वाले पशुओं के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध या खतरनाक स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बिना पुष्टि के फैलने वाली अफवाहें किस तरह भ्रम और दहशत का माहौल बना सकती हैं। नगर निगम अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें, ताकि अनावश्यक अफवाहों से बचा जा सके।
कुत्ते के हमले की खबर निकली अफवाह, जांच में सामने आई सच्चाई