कानपुर। आर्मापुर स्थित त्रिरत्न बुद्ध विहार समिति के तत्वावधान में तथागत बुद्ध की 2570वीं जयंती श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर नमन किया।
इस अवसर पर धम्मचारी शाक्यकेतु ने “तीन महाधम्म क्रांति” पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बिना रक्त बहाए समाज में परिवर्तन कैसे संभव हुआ। उन्होंने भगवान बुद्ध, सम्राट अशोक और डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा स्थापित धम्म क्रांति को विस्तार से समझाया। मुख्य अतिथि मनोज कुमार मौर्य (IOFS), महाप्रबंधक, फील्डगन फैक्ट्री, कानपुर ने कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएं आज भी विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त करती हैं। विशिष्ट अतिथि अखिलेश कुमार (IOFS) ने पंचशील सिद्धांतों को वर्तमान समय में भी अत्यंत प्रासंगिक बताया। मुख्य प्रवचनकार धम्मधारिणी श्रद्धावजी जी ने बौद्ध धर्म के 10 आभूषणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बुद्ध के सिद्धांतों को जीवन में अपनाकर ही सुख, शांति और समरसता प्राप्त की जा सकती है। वहीं राष्ट्रीय कवि दिनेश कुमार नीरज द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एस.एन. भास्कर (अधीक्षण अभियंता) ने की। उन्होंने सभी अतिथियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।इस अवसर पर धम्मचारी शाक्यकेतु, धम्मचारी जिनवीर, धम्मचारी अंशुलसिद्धी, धम्मचारी सुकृतसिद्धी, धम्मचारिणी पुण्यधारिणी सहित अनेक धम्ममित्र एवं सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन धम्मचारी शाक्यकेतु एवं धम्ममित्र कपूर चंद ने संयुक्त रूप से किया तथा अंत में सभी के लिए भोजन की व्यवस्था की गई।
त्रिरत्न बुद्ध विहार समिति में बुद्ध जयंती पर भव्य आयोजन, धम्म संदेशों से गूंजा परिसर