कानपुर—शहर के चकेरी थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। प्रेम संबंध में मिले धोखे और आर्थिक शोषण से आहत एक युवक ने आत्महत्या कर ली, वहीं कुछ ही घंटों बाद उसके चाचा की भी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। एक ही घर से एक दिन में दो अर्थियां उठने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना कांजीखेड़ा इलाके की है, जहां 30 वर्षीय अंकित जायसवाल, जो घुमनी बाजार में हार्डवेयर की दुकान चलाते थे, ने अपने कमरे में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। परिजनों के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पहले अंकित की दोस्ती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए गुजरात के सूरत की एक युवती से हुई थी, जो समय के साथ प्रेम संबंध में बदल गई।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवती लंबे समय से अंकित से पैसे लेती रही और आर्थिक रूप से उसका शोषण करती रही। करीब दो महीने पहले युवती ने जातिगत भिन्नता का हवाला देते हुए शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद अंकित गहरे अवसाद में चला गया था। बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा था।
मंगलवार को घटनाओं ने अचानक भयावह मोड़ ले लिया। घर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अंकित के चाचा ज्ञानदत्त जायसवाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर भागे। इसी उथल-पुथल के बीच अंकित ने मौका पाकर अपने कमरे में फांसी लगा ली।
कुछ देर बाद जब उसकी छोटी बहन मानसी उसे बुलाने कमरे में पहुंची, तो वहां का दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई। अंकित का शव पंखे से लटका हुआ था। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
दुर्भाग्य यहीं खत्म नहीं हुआ—अस्पताल में भर्ती चाचा ज्ञानदत्त जायसवाल की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। कुछ ही घंटों के अंतराल में परिवार के दो सदस्यों की मौत ने पूरे घर को शोक में डुबो दिया और इलाके में भी गमगीन माहौल हो गया।
सूचना पर पहुंची चकेरी पुलिस ने अंकित के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्रा के अनुसार, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया के माध्यम से बनने वाले रिश्तों के जोखिम और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते संवाद, परामर्श और परिवार का सहयोग बेहद जरूरी होता है, ताकि किसी भी व्यक्ति को इस तरह का कठोर कदम उठाने से रोका जा सके।
प्रेम में धोखा, दो मौतों से उजड़ा घर