कानपुर। शहर में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और चढ़ते पारे ने जहां इंसानों का जीना मुश्किल कर दिया है, वहीं बेजुबान पशु-पक्षियों के सामने जीवन का संकट खड़ा हो गया है। ऐसी स्थिति में कानपुर नगर निगम ने संवेदनशील पहल करते हुए मानवता की मिसाल पेश की है। नगर निगम मुख्यालय मोतीझील में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान महापौर प्रमिला पांडेय ने विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं को 400 नाद (पानी के पात्र) वितरित किए, ताकि शहर के अलग-अलग इलाकों में पशु-पक्षियों के लिए पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की जा सके।
इस पहल का उद्देश्य भीषण गर्मी में प्यास से तड़प रहे बेजुबानों को राहत पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान महापौर प्रमिला पांडेय ने भावुक अंदाज में शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि इंसान तो किसी न किसी तरह अपनी प्यास बुझा लेता है, लेकिन पशु-पक्षी पूरी तरह दूसरों पर निर्भर होते हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने घरों के बाहर, छतों, गलियों और पार्कों में पानी से भरे पात्र अवश्य रखें, ताकि कोई भी जीव प्यासा न रहे।
महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम इस अभियान को केवल एक दिन या औपचारिकता तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि इसे निरंतर चलाया जाएगा। उन्होंने समाजसेवी संस्थाओं को भरोसा दिलाया कि यदि भविष्य में और नादों की आवश्यकता होगी, तो नगर निगम उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। इस दौरान उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों से आगे आकर इस जनसेवा अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की अपील भी की।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. निरंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल संस्थाओं तक ही सीमित न रहकर शहर के सभी प्रमुख रैन बसेरों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी नाद रखवाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पशु-पक्षियों को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि शहर की आवश्यकता के अनुसार नादों की संख्या को और बढ़ाया जाएगा, जिससे गर्मी के इस कठिन दौर में किसी भी बेजुबान को पानी के लिए भटकना न पड़े।
अभियान के दौरान नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त मोहम्मद आवेश खान, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शिल्पा सिंह सहित कई अधिकारी और प्रमुख समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इस पहल को सराहा और इसे आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
गौरतलब है कि हर साल गर्मियों में तापमान बढ़ने के साथ ही पशु-पक्षियों के लिए पानी की कमी एक बड़ी समस्या बन जाती है। ऐसे में नगर निगम की यह पहल न केवल राहत देने वाली है, बल्कि समाज को भी जागरूक करने का एक मजबूत संदेश देती है कि इंसानियत केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं, बल्कि हर जीव के प्रति संवेदना रखना ही सच्ची मानवता है।
भीषण गर्मी में बेजुबानों के लिए 400 नाद वितरित