‘गिन्नी विहार’ नाम से बिना अनुमति हो रही थी प्लाटिंग
प्रवर्तन टीम ने ध्वस्त किए निर्माण, दूसरी साइट पर भी नोटिस
केडीए की सख्ती: अवैध कॉलोनियों पर लगातार जारी रहेगा अभियान
कानपुर।
शहर में तेजी से फैल रही अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहे निर्माणों पर अब कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने सख्त रुख अपना लिया है। इसी क्रम में बिठूर क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केडीए की टीम ने लगभग 15 एकड़ में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है।
केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में प्रवर्तन जोन-1बी की टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी। विशेष कार्याधिकारी एवं उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ग्राम गाजीपुर, बिठूर पहुंची, जहां प्रपुंज अग्रवाल व अन्य द्वारा ‘गिन्नी विहार’ नाम से बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के बड़े पैमाने पर प्लाटिंग की जा रही थी।
मौके पर पहुंचते ही केडीए की टीम ने अवैध कॉलोनी में विकसित की जा रही सड़कों, बाउंड्री और अन्य आधारभूत ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी प्लाटिंग बिना ले-आउट स्वीकृति के की जा रही थी, जो कि नियमों का खुला उल्लंघन है।
दूसरी अवैध प्लाटिंग भी आई रडार पर
कार्रवाई के दौरान केडीए ने एक और अवैध प्लाटिंग को चिन्हित किया है। बगदौंधी बांगर क्षेत्र (आराजी संख्या-696/2, 698/2) में नीलम अग्रवाल द्वारा लगभग 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बिना अनुमति प्लाटिंग की जा रही है। इस संबंध में संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर इस स्थल को भी सील या ध्वस्त कर दिया जाएगा।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान
अवैध कॉलोनी पर की गई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता हिमांशु बर्नवाल, सुपरवाइजर राम औतार, मनोज कुमार, राज कुमार, लाल सिंह सहित संबंधित थाने का भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। पूरी कार्रवाई प्रशासनिक निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई।
खरीदारों के लिए चेतावनी
विशेष कार्याधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह ने आम नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले यह अवश्य जांच लें कि उसका ले-आउट केडीए से स्वीकृत है या नहीं। बिना स्वीकृति के प्लॉट खरीदना भविष्य में आर्थिक और मानसिक नुकसान का कारण बन सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।